Kriti Industries (India) Limited के शेयरधारकों ने कंपनी के भविष्य को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। 20 मार्च 2026 को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में, जिसमें 47 सदस्य शामिल हुए, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा प्रस्तावित बिजली (Power) सेक्टर में बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना को शेयरधारकों ने भारी समर्थन देते हुए स्वीकार कर लिया है।
इस मंजूरी के बाद, Kriti Industries अपने मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग और एडिबल ऑयल जैसे व्यवसायों से आगे बढ़कर, व्यावसायिक आधार पर बिजली का उत्पादन (generation), पारेषण (transmission) और वितरण (distribution) भी कर सकेगी। यह कदम कंपनी की अब तक की कैप्टिव सोलर पावर (captive solar power) परियोजनाओं से काफी आगे है और एनर्जी मार्केट में एक बड़ी एंट्री का संकेत देता है।
नई अधिकृतियों के तहत, कंपनी सौर (solar), पवन (wind) और जल (hydel) जैसे विभिन्न स्रोतों से बिजली बनाने, खरीदने, बेचने और वितरित करने के लिए पूरी तरह से अधिकृत होगी। पहले कंपनी मुख्य रूप से अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सोलर पावर प्लांट लगाती थी, लेकिन अब वह बाहरी ग्राहकों को बिजली बेचकर नए राजस्व की राह खोलेगी।
Kriti Industries, जो पहले मुख्य रूप से स्टील पाइप्स और ट्यूब्स जैसे औद्योगिक उत्पाद बनाने के लिए जानी जाती थी, ने मध्य प्रदेश स्थित अपनी यूनिट में 2.2 MW का सोलर पावर प्लांट भी स्थापित किया है।
हालांकि, यह नया ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) काफी चुनौतीपूर्ण है। भारत का पावर सेक्टर काफी कैपिटल-गहन (capital intensive) और रेगुलेटेड (regulated) है। Kriti Industries को NTPC, Tata Power और Adani Power जैसी दिग्गज कंपनियों से कड़ा मुकाबला करना पड़ेगा। इस नए क्षेत्र में सफल होने के लिए कंपनी को भारी निवेश, तकनीकी विशेषज्ञता और रणनीतिक साझेदारियों पर ध्यान देना होगा।
अब बाजार की नजरें कंपनी द्वारा घोषित ई-वोटिंग (e-voting) के नतीजों पर टिकी हैं, जो बैठक के दो वर्किंग डेज के भीतर घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा, निवेशक कंपनी की विस्तृत योजनाओं, फंडिंग स्ट्रैटेजी और इस बड़े कदम से जुड़े अन्य अपडेट्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
