शानदार तिमाही नतीजे, मुनाफे में बंपर उछाल
Kotyark Industries लिमिटेड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए कंसोलिडेटेड टोटल इनकम 214.72% बढ़कर ₹63.66 करोड़ (₹6,365.88 लाख) हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹20.22 करोड़ (₹2,022.72 लाख) थी। तिमाही के दौरान नेट प्रॉफिट 215% बढ़कर ₹9.38 करोड़ (₹938.05 लाख) पर पहुंच गया।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए, कंपनी का रेवेन्यू 9.02% बढ़कर ₹314.92 करोड़ (₹31,491.54 लाख) रहा, और कंसोलिडेटेड प्रॉफिट 33.24% बढ़कर ₹19.36 करोड़ (₹1,936.40 लाख) रहा। कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹5 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी रेकमेंड किया है।
बड़े ऑर्डर्स और बिजनेस ग्रोथ
यह शानदार ग्रोथ कंपनी की बढ़ी हुई बिजनेस वॉल्यूम और बेहतर मैनेजमेंट का नतीजा है। हाल ही में Kotyark Industries को HPCL से बायोडीजल सप्लाई के लिए LOI (Letter of Intent) मिला है, और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए लगभग ₹5.64 अरब (₹564 करोड़) का एक बड़ा टेंडर भी हासिल किया है। ये बड़े ऑर्डर कंपनी के रेवेन्यू को बढ़ाने में मददगार साबित हुए। Kotyark Industries 2016 से बायोडीजल और क्रूड ग्लिसरीन का उत्पादन कर रही है।
कानूनी चुनौतियां और भविष्य की राह
हालांकि, कंपनी के लिए सब कुछ ठीक नहीं है। Kotyark Industries को कानूनी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश पर कंपनी की स्वरूपगंज यूनिट से रॉ मटेरियल (कच्चे माल) से भरे चार स्टोरेज टैंक जब्त कर लिए गए हैं। साथ ही, एक डायरेक्टर के खिलाफ क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स (आपराधिक कार्यवाही) भी चल रही है।
इन कानूनी पचड़ों के बावजूद, राजस्थान हाई कोर्ट ने कंपनी को सप्लाई कमिटमेंट्स को पूरा करने की इजाजत दे दी है, जो कि रेवेन्यू बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी पर कुल ₹64.87 करोड़ (₹6,486.92 लाख) का कर्ज था, जिसमें ₹20.77 करोड़ (₹2,077.64 लाख) नॉन-करंट और ₹44.09 करोड़ (₹4,409.28 लाख) करंट बोरिंग्स शामिल हैं।
निवेशक अब कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती यानी डायरेक्टर पर चल रही कानूनी कार्यवाही और जब्त किए गए कच्चे माल की रिहाई पर पैनी नजर रखेंगे। यह देखना अहम होगा कि कंपनी इन बाधाओं को पार कर अपनी ग्रोथ की रफ्तार कैसे बनाए रखती है।
