Q4 में IRM Energy का प्रॉफिट रॉकेट पर, लेकिन JV से जुड़ी ये बातें जानना ज़रूरी
IRM Energy Ltd ने Q4 FY26 के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में 190.50% का जबरदस्त उछाल देखा गया है। यह मुनाफा बढ़कर ₹12.76 करोड़ तक पहुंच गया। इस दौरान, कंपनी की कुल आय में 3.84% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹309.37 करोड़ रही।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, IRM Energy का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट 17.72% बढ़कर ₹53.21 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि कुल आय 8.68% बढ़कर ₹1,185.41 करोड़ रही। कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए प्रति शेयर ₹1.5 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश भी की है।
JV से बढ़ी चिंताएं, लाखों का घाटा
लेकिन इन शानदार आंकड़ों के पीछे कुछ चिंताजनक बातें भी छिपी हैं। कंपनी ने अपने एक निष्क्रिय ज्वाइंट वेंचर, Ni-Hon Cylinders, से संबंधित लोन और ब्याज पर ₹5.09 करोड़ का इंपेयरमेंट लॉस (Impairment Loss) दर्ज किया है। यह JV पिछले तीन सालों से बंद पड़ा है।
इतना ही नहीं, कंपनी को अन्य वेंचर्स से भी ड्यू पेमेंट (Overdue Payments) का सामना करना पड़ रहा है। JV VPPL से शेयर कैपिटल में ₹2.24 करोड़ और डिविडेंड में ₹0.47 करोड़ की रकम अभी मिलनी बाकी है। इसी तरह, एसोसिएट FGPL से ₹1.59 करोड़ की रिडेम्पशन (Redemptions) और ₹0.33 करोड़ के डिविडेंड ड्यू हैं, क्योंकि FGPL रिकवरी फेज में है। इन सभी दिक्कतों की वजह से पूरे फाइनेंशियल ईयर में JVs और एसोसिएट्स से कंपनी को कुल ₹3.71 करोड़ का घाटा हुआ है।
आगे क्या?
एक सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनी के तौर पर, IRM Energy गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अपना नेटवर्क चलाती है। नवंबर 2023 में IPO से जुटाए ₹1,093 करोड़ का इस्तेमाल नेटवर्क विस्तार के लिए किया जाना है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि IRM Energy का मैनेजमेंट इन इंपेयरमेंट लॉस और ओवरड्यू पेमेंट्स जैसी समस्याओं से कैसे निपटता है। IPO से मिली रकम का सही इस्तेमाल और नेटवर्क विस्तार की प्रगति पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी। यह देखना अहम होगा कि मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ और इन बैलेंस शीट चिंताओं के बीच बाजार कैसे प्रतिक्रिया देता है।
