बिजली ट्रेडिंग में IEX का दबदबा जारी
कंपनी ने अप्रैल 2026 में कुल 12,341 मिलियन यूनिट (MU) बिजली का ट्रेड किया, जो पिछले साल के मुकाबले 16.6% ज्यादा है। इस शानदार ग्रोथ की मुख्य वजह रियल-टाइम मार्केट (RTM) सेगमेंट में 30.2% की दमदार परफॉरमेंस रही, जिसने अपने सबसे बड़े सिंगल-डे वॉल्यूम का रिकॉर्ड भी तोड़ा। इस सेगमेंट की मजबूती फ्लेक्सिबल और रियल-टाइम बिजली खरीद की बढ़ती मांग को दर्शाती है, जो ग्रिड बैलेंसिंग के लिए अहम है।
REC मार्केट में बड़ी गिरावट
हालांकि, रेन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट्स (RECs) के कारोबार में 59.4% की भारी कमी आई और यह 1.18 लाख सर्टिफिकेट्स तक सिमट गया। यह गिरावट रेन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट मार्केट में कुछ चुनौतियों का संकेत दे सकती है और राजस्व के नए स्रोतों पर सवाल खड़ी कर सकती है।
डे-अहेड मार्केट में मामूली बढ़ोतरी
बिजली की ट्रेडिंग के एक और अहम हिस्से, डे-अहेड मार्केट (DAM) ने भी 8.7% की मामूली बढ़त के साथ 4,624 MU का आंकड़ा छुआ। यह मिली-जुली परफॉरमेंस, जहां बिजली की ट्रेडिंग मजबूत रही वहीं RECs में भारी गिरावट आई, यह सेगमेंट-विशिष्ट मार्केट डायनामिक्स को उजागर करती है।
अनिश्चित मौसम का कीमतों पर असर
अप्रैल के दौरान डे-अहेड मार्केट (DAM) में कीमतों में भी अस्थिरता देखी गई। कुछ दिनों में, बेमौसम बरसात के चलते दाम ₹3.5 प्रति यूनिट से नीचे गिर गए। कीमतों की यह अस्थिरता मार्केट पार्टिसिपेंट्स के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती है और कुल ट्रेडिंग रेवेन्यू मिक्स पर असर डाल सकती है, खासकर अगर REC वॉल्यूम में गिरावट जारी रहती है।
कॉम्पिटिशन और भविष्य का रुख
IEX का सबसे बड़ा लिस्टेड कॉम्पिटिटर Power Exchange India Limited (PXIL) है, पर IEX की मार्केट में पकड़ काफी बड़ी है। मार्केट ऑब्जर्वर्स अब 13 और 27 मई, 2026 को होने वाले अगले REC ट्रेडिंग सेशन पर नजर रखेंगे कि क्या ट्रेंड में कोई बदलाव आता है। RTM और DAM में निरंतर तेजी, साथ ही बिजली की कुल मांग, IEX के भविष्य के प्रदर्शन के महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
