रिफाइनरी में क्या हुआ?
20 अप्रैल, 2024 को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के जॉइंट वेंचर, HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) में आग लग गई थी। यह आग 6 हीट एक्सचेंजर और उनके सपोर्टिंग इक्विपमेंट को प्रभावित कर गई। कंपनी का कहना है कि रिस्टोरेशन का काम जोरों पर है और अगले 3-4 हफ्तों में यानी 25 अप्रैल, 2024 से इसे पूरा कर लिया जाएगा।
प्रोडक्शन पर असर और नई टाइमलाइन
इस घटना के चलते क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) के रीस्टार्ट को मई 2026 के दूसरे हाफ में धकेल दिया गया है। उम्मीद है कि इसी महीने यानी मई 2026 के अंत तक LPG, मोटर स्पिरिट (MS), हाई-स्पीड डीजल (HSD) और नैफ्था जैसे मुख्य ईंधनों का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। हालांकि, बाकी यूनिट्स में काम तय योजना के अनुसार चल रहा है, लेकिन CDU के रीस्टार्ट में देरी से रिफाइनरी के चालू होने की प्रक्रिया पर शुरुआती दौर में असर दिख सकता है।
प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि और बढ़ती लागत
HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) HPCL और राजस्थान सरकार का एक बड़ा जॉइंट वेंचर है, जिसमें HPCL की 74% हिस्सेदारी है और बाकी 26% राजस्थान सरकार के पास। राजस्थान के पचपदरा में 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) की ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स बनाने का यह प्रोजेक्ट 2018 में शुरू हुआ था।
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में काफी देरी हुई है और इसकी लागत भी बढ़ गई है। पहले जहां इस प्रोजेक्ट की लागत ₹43,129 करोड़ आंकी गई थी, वहीं अब यह बढ़कर ₹79,459 करोड़ तक पहुँच गई है। लागत बढ़ने के चलते HPCL ने अपनी इक्विटी इन्वेस्टमेंट को बढ़ाकर ₹19,600 करोड़ कर दिया है, ताकि अपनी हिस्सेदारी बनाए रख सके। प्रोजेक्ट की शेड्यूल्ड कमर्शियल ऑपरेशन डेट (SCOD) हाल ही में 1 जुलाई, 2026 पर रिवाइज की गई थी।
आगे क्या?
अब निवेशकों की नजरें मई 2026 में CDU के रीस्टार्ट और ट्रायल प्रोडक्शन पर होंगी। रिस्टोरेशन वर्क का समय पर पूरा होना महत्वपूर्ण होगा। अगर इन कामों में और देरी होती है, तो 1 जुलाई, 2026 की SCOD में भी मामूली बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कंपनी की ओर से आग के कारणों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा पर किसी भी अपडेट पर भी नजर रखी जाएगी।
