SEBI के नियम का पालन
SEBI के नियमों का सख्ती से पालन करते हुए, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने ऐलान किया है कि 1 अप्रैल, 2026 से कंपनी के डायरेक्टर्स, ऑफिसर्स और तय कर्मचारियों के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद कर दी जाएगी। यह फैसला वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कंपनी के वित्तीय नतीजों की रिपोर्टिंग अवधि के लिए लागू रहेगा।
क्यों बंद हो रही है ट्रेडिंग विंडो?
इस ट्रेडिंग विंडो के बंद होने का मुख्य उद्देश्य इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकना और बाजार की निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। इसके तहत, कंपनी के अंदरूनी लोग, जो गैर-सार्वजनिक (non-public) और कीमत-संवेदनशील (price-sensitive) जानकारी के आधार पर शेयर खरीद या बेच सकते हैं, उन्हें ऐसा करने से रोका जाएगा। यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक कि कंपनी की बोर्ड मीटिंग, जिसमें वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाती है, समाप्त न हो जाए और उसके 48 घंटे बाद तक।
यह एक रूटीन प्रक्रिया
HPCL ने स्पष्ट किया है कि यह एक रूटीन अनुपालन (routine compliance) प्रक्रिया है और इससे कंपनी के किसी विशेष जोखिम या नकारात्मक घटना का संकेत नहीं मिलता है। यह प्रथा एनर्जी सेक्टर की अन्य बड़ी कंपनियों जैसे Indian Oil Corporation Ltd (IOCL) और Bharat Petroleum Corporation Ltd (BPCL) द्वारा भी अपनाई जाती है।
कंपनी का परिचय
Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) भारत की एक प्रमुख सरकारी तेल और गैस कंपनी है, जिसका मुख्यालय मुंबई में है। ONGC की सहायक कंपनी HPCL देश भर में रिफाइनिंग, मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का विशाल संचालन करती है।