HOEC के शेयरधारकों ने पोस्टल बैलेट के जरिए हुए वोटिंग में कंपनी के नए नेतृत्व को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के बाद, डॉ. जगदीप नारायण सिंह नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और चेयरमैन की भूमिका संभालेंगे, वहीं बरोरुची मिश्रा को मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर नियुक्त किया गया है।
इन नई नियुक्तियों का मकसद कंपनी के गवर्नेंस को मजबूत करना और रणनीतिक दिशा देना है। एक स्वतंत्र चेयरमैन और अनुभवी MD & CEO का होना HOEC के ऑपरेशंस और ग्रोथ स्ट्रेटेजी को सही दिशा देने के लिए बहुत ज़रूरी है। इससे कंपनी को बेहतर फैसले लेने, शेयरधारकों का भरोसा बनाए रखने और तेल व गैस जैसे जटिल सेक्टर में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
1983 में शामिल हुई HOEC भारत की एक अग्रणी प्राइवेट अपस्ट्रीम ऑयल और गैस कंपनी है, जिसके पास कई डिस्कवर्ड और एक्सप्लोरेटरी ब्लॉक्स हैं। यह नेतृत्व परिवर्तन कंपनी के प्लान्ड सक्सेशन का हिस्सा है। हाल ही में, कंपनी ने B-80 ब्लॉक का पूरा मालिकाना हक हासिल किया है और B-15 ब्लॉक के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है, जो कंपनी की ग्रोथ की मंशा को दर्शाता है। मिस्टर बरोरुची मिश्रा का एनुअल रेमनरेशन पैकेज ₹2.25 करोड़ तय किया गया है, जिसमें वेरिएबल पे और ESOP इंसेटिव्स का भी प्रावधान है।
नई नियुक्तियों के बावजूद, HOEC को कुछ पुरानी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फरवरी 2026 में, कंपनी पर PY-1 ब्लॉक के रॉयल्टी पेमेंट से जुड़े ₹65.81 लाख के जीएसटी पेनल्टी लगाई गई थी, जिसका कंपनी विरोध कर रही है। इससे पहले, सितंबर 2020 में गुजरात हाई कोर्ट के एक आदेश ने लगभग ₹722 करोड़ की बड़ी देनदारियों के कारण HOEC की संपत्ति पर रोक लगा दी थी। यह देनदारी एक आर्बिट्रेशन अवार्ड से जुड़ी थी। HOEC इस मामले को चुनौती देने की योजना बना रहा था, लेकिन ऐसे कानूनी पचड़े कंपनी के लिए वित्तीय और ऑपरेशनल जोखिम पैदा कर सकते हैं।
HOEC जिस सेक्टर में काम करती है, वह ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ONGC) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) जैसे बड़े पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) का दबदबा वाला है। इन बड़ी कंपनियों के पास विशाल संसाधन हैं, जबकि HOEC, एक फोकस्ड एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन कंपनी के तौर पर, अपनी चुस्त संरचना और विशेष संपत्तियों का लाभ उठाना चाहती है।
फाइनेंशियल ईयर 2024 के लिए, HOEC ने ₹74,913.13 लाख का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹22,642.98 लाख का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है।
निवेशक नए MD & CEO के नेतृत्व में कंपनी के परफॉरमेंस और स्ट्रेटेजिक एग्जीक्यूशन पर बारीकी से नज़र रखेंगे। कंपनी की मौजूदा कानूनी और रेगुलेटरी मामलों, जैसे हालिया जीएसटी पेनल्टी, से निपटने की क्षमता एक अहम इंडिकेटर होगी। एक्सप्लोरेशन प्रोग्रेस, प्रोडक्शन लेवल और नई लीडरशिप के तहत कंपनी के समग्र वित्तीय स्वास्थ्य पर भविष्य के अपडेट्स भी महत्वपूर्ण होंगे।
