नए बिज़नेस की ओर Deep Industries का सफर
Deep Industries Limited ने एक अहम कदम उठाते हुए अपने शेयरहोल्डर्स को ई-वोटिंग के ज़रिए निर्णय लेने का मौका दिया है। यह ई-वोटिंग 29 मार्च, 2026 से शुरू होकर 27 अप्रैल, 2026 तक चलेगी। इस प्रक्रिया के तहत दो मुख्य प्रस्तावों पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मांगी जाएगी।
शेयरहोल्डर्स के सामने क्या हैं प्रस्ताव?
पहला प्रस्ताव कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) में बदलाव से जुड़ा है, ताकि ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज के बिज़नेस को इसमें शामिल किया जा सके। दूसरा प्रस्ताव मिस्टर शालिन हर्षदभाई पटेल को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद पर नियुक्त करने का है। अगर शेयरहोल्डर्स मंजूरी देते हैं, तो मिस्टर पटेल 12 मार्च, 2026 से 11 मार्च, 2031 तक, यानी पांच साल के लिए इस पद पर रहेंगे।
ग्रीन एनर्जी में क्यों उतर रही है कंपनी?
इस MOA संशोधन से Deep Industries को तेज़ी से बढ़ते ग्रीन एनर्जी सेक्टर में पैर जमाने में मदद मिलेगी। कंपनी हाइड्रोजन, विभिन्न तरह की रिन्यूएबल पावर जेनरेशन तकनीकों और कार्बन कैप्चर जैसी नई टेक्नोलॉजीज में अवसरों की तलाश कर सकती है। मिस्टर पटेल की नियुक्ति से कंपनी के बोर्ड को फाइनेंस और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के क्षेत्र में अनुभव मिलेगा, जो कंपनी के विस्तार और विविधीकरण (diversification) के लक्ष्यों को हासिल करने में सहायक होगा।
कंपनी का पुराना बिज़नेस और भविष्य की योजना
Deep Industries Limited पारंपरिक रूप से ऑयल और गैस एक्सप्लोरेशन (exploration) और प्रोडक्शन (production) सेक्टर को सर्विस देने का काम करती रही है। इसका मुख्य बिज़नेस ऑयल और गैस फील्ड ऑपरेशंस के लिए इक्विपमेंट रेंटल, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और सीएनजी स्टेशन चलाना है। अब कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ रही है, जिसमें हाइड्रोजन और अन्य ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशंस पर फोकस करने की खबरें हैं। यह कदम इंडस्ट्री के मौजूदा ट्रेंड के अनुरूप है, जहां कई एनर्जी सर्विस प्रोवाइडर्स सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज की ओर रुख कर रहे हैं।
शेयरहोल्डर वोट का असर
अगर शेयरहोल्डर्स ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज को MOA में शामिल करने की मंजूरी देते हैं, तो कंपनी इन नए क्षेत्रों में निवेश और विस्तार के लिए औपचारिक रूप से सक्षम हो जाएगी। मिस्टर शालिन हर्षदभाई पटेल की नियुक्ति बोर्ड में स्वतंत्र निगरानी और नई रणनीतियों, खासकर फाइनेंस और गवर्नेंस से जुड़े मामलों में मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
इंडस्ट्री में ऐसे कदम
Deep Industries का रिन्यूएबल एनर्जी में जाना अन्य बड़ी भारतीय एनर्जी कंपनियों की स्ट्रेटेजी जैसा ही है। उदाहरण के लिए, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) ग्रीन एनर्जी और हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश कर रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) भी अपने ऑयल और गैस बैकग्राउंड से आगे बढ़कर सोलर और हाइड्रोजन जैसे नए एनर्जी क्षेत्रों में बड़ा परिवर्तन ला रही है।
