पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (PSERC) ने DEE Development Engineers की सब्सिडियरी Malwa Power Pvt. Ltd. के लिए ₹5.224/kWh का फाइनल टैरिफ ऑर्डर जारी किया है। यह दर कंपनी के 6 MW बायोमास पावर प्लांट के लिए है और अंतरिम ₹3.500/kWh से काफी ज्यादा है। इस बढ़ोतरी से कंपनी को अपने 10 साल के कॉन्ट्रैक्ट पीरियड में अनुमानित ₹5.80 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू रिकवर करने में मदद मिलेगी। PSERC का यह फैसला एपिलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (APTEL) के निर्देशों के बाद आया है।
इस टैरिफ ऑर्डर से Malwa Power के बायोमास बिजली उत्पादन के लिए एक मजबूत वित्तीय निश्चितता मिली है। बढ़ी हुई दर सीधे तौर पर कंपनी की कमाई (Revenue Streams) और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को बेहतर बनाएगी। DEE Development Engineers के लिए, यह नतीजा अपनी सब्सिडियरी की परिचालन क्षमता को साबित करता है और रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) क्षेत्र में कंपनी की मौजूदगी को मजबूत करता है, जो इसके मुख्य EPC (Engineering, Procurement, and Construction) बिजनेस का पूरक है।
DEE Development Engineers मुख्य रूप से वाटर और वेस्टवाटर मैनेजमेंट सॉल्यूशंस में एक अग्रणी EPC कंपनी है। हालांकि, Malwa Power Pvt. Ltd. जैसी अपनी सब्सिडियरीज के माध्यम से, कंपनी बिजली उत्पादन संपत्तियों में भी हिस्सेदारी रखती है। Malwa Power विशेष रूप से 6 MW बायोमास पावर प्लांट का संचालन करती है। इस फाइनल टैरिफ ऑर्डर तक पहुँचने के लिए नियामक प्रक्रियाओं का पालन किया गया, जिसमें APTEL द्वारा PSERC को दिए गए निर्देश भी शामिल थे, जो अंतिम निर्धारण से पहले टैरिफ वार्ता या विवाद समाधान की अवधि का संकेत देते हैं।
नई टैरिफ दर के साथ, Malwa Power का 6 MW बायोमास प्लांट काफी अधिक रेवेन्यू उत्पन्न करने के लिए तैयार है। 10 साल की टैरिफ अवधि एक स्थिर और अनुमानित रेवेन्यू आउटलुक प्रदान करती है, जो सब्सिडियरी की वित्तीय योजना बनाने में सहायक है। नई और अंतरिम टैरिफ के बीच का अंतर अनुमानित ₹5.80 करोड़ से सब्सिडियरी की प्रॉफिटेबिलिटी को बढ़ाएगा।
हालांकि, यह टैरिफ ऑर्डर Malwa Power और PSPCL (पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड), जो संभवतः पावर खरीदार है, द्वारा औपचारिक स्वीकृति के अधीन है। महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी पक्ष के पास APTEL के समक्ष PSERC के ऑर्डर के खिलाफ अपील करने का अधिकार सुरक्षित है। यह संभावित अपील अल्पावधि में निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम का प्रतिनिधित्व करती है।
जबकि DEE Development Engineers मुख्य रूप से जल प्रबंधन में एक EPC खिलाड़ी है, इसकी सब्सिडियरी का बायोमास बिजली उत्पादन में शामिल होना इसे व्यापक रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट के भीतर रखता है। इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर प्रोजेक्ट्स के लिए बड़े EPC क्षेत्र में प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में L&T, KEC International और Kalpataru Power Transmission जैसी फर्में शामिल हैं। विशेष रूप से बायोमास पावर जनरेशन पर केंद्रित लिस्टेड कंपनियां कम आम हैं, जिससे इस टैरिफ का सफल समाधान DEE के विशिष्ट क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक विकास है।
अनुमोदित ₹5.224/kWh का टैरिफ FY 2025-26 से शुरू होने वाली 10 साल की अवधि के लिए तय है। इस दर में ₹0.970/kWh का एक फिक्स्ड कंपोनेंट और ₹4.254/kWh का एक वेरिएबल कंपोनेंट शामिल है, जिसमें 5% की वार्षिक वृद्धि (Annual Escalation) होगी। 10 साल की अवधि में इस टैरिफ अंतर के कारण कुल अनुमानित रेवेन्यू वृद्धि ₹5.80 करोड़ है।
निवेशक और हितधारक कई प्रमुख विकासों पर बारीकी से नजर रखेंगे। इनमें Malwa Power और PSPCL द्वारा PSERC के टैरिफ ऑर्डर की औपचारिक स्वीकृति और APTEL के समक्ष किसी भी बाद की अपील शामिल है। टैरिफ लागू होने के बाद सब्सिडियरी द्वारा वास्तविक रेवेन्यू प्राप्ति की निगरानी करना भी महत्वपूर्ण होगा। इसके अतिरिक्त, DEE Development Engineers से इसी तरह की रिन्यूएबल एनर्जी संपत्तियों में भविष्य के निवेश के संबंध में कोई भी संकेत रुचि का होगा।
