टैरिफ में बड़ी उछाल, नई कमाई का रास्ता खुला
पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (PSERC) ने DEE Development Engineers की सब्सिडियरी Malwa Power Pvt. Ltd. (MPPL) के 6 MW बायोमास पावर प्लांट के लिए ₹5.224 प्रति kWh का नया टैरिफ तय किया है। यह मौजूदा इंटरिम रेट ₹3.500 प्रति kWh से लगभग 49.3% का बड़ा उछाल है। यह नया टैरिफ, मौजूदा पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के 26 अप्रैल 2025 को खत्म होने के बाद अगले 10 साल के लिए लागू रहेगा।
खास बात यह है कि कंपनी को मई 2025 से फरवरी 2026 तक की अवधि के लिए ₹5.80 करोड़ का रेट्रोस्पेक्टिव (पिछली तारीख से) भुगतान भी मिलेगा।
नए प्लांट से कमाई की उम्मीद
इस टैरिफ बढ़ोतरी के अलावा, DEE Development एक नया बायोमास पेलेट प्लांट भी जल्द शुरू करने वाली है। इस नए प्लांट से फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में ₹23.40 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू आने की उम्मीद है। पावर जनरेशन से ₹24.31 करोड़ और पेलेट प्लांट से ₹23.40 करोड़ को मिलाकर, कंपनी इस फाइनेंशियल ईयर में कुल ₹47.71 करोड़ का रेवेन्यू जुटा सकती है।
कंपनी की चिंता और आगे की रणनीति
हालांकि, DEE Development इस तय टैरिफ को थोड़ा कम मान रही है और लंबी अवधि में मुनाफे पर असर की आशंका जता रही है। कंपनी इस फैसले के खिलाफ अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (APTEL) में अपील करने पर विचार कर रही है। यह ध्यान देने वाली बात है कि DEE Development पहले भी PSERC के टैरिफ फैसलों का सामना कर चुकी है, और अगस्त 2025 में Abohar प्लांट के लिए टैरिफ घटाए जाने के फैसले को भी कंपनी ने असंतोषजनक पाया था।
कुल मिलाकर, इस टैरिफ बढ़ोतरी और नए प्लांट के शुरू होने से शेयरधारकों को बेहतर फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की उम्मीद करनी चाहिए। कंपनी का अपील करने का फैसला और पेलेट प्लांट का प्रदर्शन भविष्य में कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे की दिशा तय करेगा।