तेलंगाना में नई ऊर्जा क्रांति की शुरुआत
यह प्रोजेक्ट तेलंगाना पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TS-GENCO) द्वारा कोल इंडिया को सौंपा गया है। इसके तहत, कंपनी तेलंगाना के चौटुप्पल (Choutuppal) में 750 MWh का एक बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्लांट स्थापित करेगी। यह प्लांट 187.5 MW की क्षमता के साथ 4 घंटे तक बिजली सप्लाई कर सकेगा। इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत ₹1057.09 करोड़ है, और इसे ₹3.14 लाख प्रति MW प्रति माह के टैरिफ पर अवार्ड किया गया है। कंपनी को यह लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) 28 मार्च 2026 को मिला है।
एनर्जी ट्रांजिशन में कोल इंडिया का कदम
यह कदम कोल इंडिया के लिए एनर्जी ट्रांजिशन (Energy Transition) की रणनीति में एक अहम पड़ाव है। ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में उतरकर, CIL भारत की बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) स्रोतों को इंटीग्रेट करने और ग्रिड की स्थिरता (Grid Stability) बढ़ाने की जरूरत को पूरा करने में मदद करेगी।
आगे क्या?
प्रोजेक्ट का एग्जीक्यूशन (Execution) बैलेंस ऑफ सिस्टम एग्रीमेंट (BESPA) पर हस्ताक्षर करने के 18 महीनों के भीतर शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, BESPA को जल्द से जल्द फाइनल करना और 18 महीने की समय सीमा को पूरा करना कुछ संभावित चुनौतियाँ हो सकती हैं।
इस कदम से कोल इंडिया, NTPC, टाटा पावर (Tata Power) और अडानी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) के क्षेत्र में खड़ी होगी।