कमाई के नए रिकॉर्ड, वजह: नया प्रोजेक्ट्स और BESS
ACME Solar की इस शानदार ग्रोथ का श्रेय कंपनी के नए प्रोजेक्ट्स की सफल कमीशिनिंग को जाता है। इसमें भारत की सबसे बड़ी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का 2.3 GWh कैपेसिटी वाला प्लांट शामिल है, जिसने कंपनी की आय में बड़ा योगदान दिया है। इसके अलावा, 100 MW के विंड प्रोजेक्ट ने भी प्रदर्शन को बूस्ट किया है।
मजबूत पोर्टफोलियो और फाइनेंसिंग
FY26 के दौरान, ACME Solar ने अपने डेवलपमेंट पाइपलाइन में 1,401 MW के नए प्रोजेक्ट्स जोड़े हैं, जिससे कंपनी का कुल निर्माणाधीन पोर्टफोलियो बढ़कर 5,081 MW हो गया है। कंपनी ने अपने निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स के लिए लगभग 1.5 GW के लिए ₹15,000 करोड़ का डेट फाइनेंसिंग भी सुरक्षित कर लिया है। साथ ही, कंपनी ने मौजूदा प्रोजेक्ट डेट को ₹3,300 करोड़ में रिफाइनेंस किया है, जिससे ब्याज दरें कम हुईं और मुनाफा बढ़ा।
इंडस्ट्री में सबसे आगे
ACME Solar का FY26 का प्रदर्शन, खास तौर पर रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल ग्रोथ के मामले में, कई प्रतिस्पर्धियों से बेहतर रहा है। ReNew Energy Global PLC और Adani Green Energy Ltd जैसे बड़े प्लेयर्स के पास भी मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन है, लेकिन ACME Solar की बड़ी BESS कैपेसिटी इसे एक अलग एज देता है।
