ACME Solar Holdings की सब्सिडियरी ACME Sun Power Private Limited ने राजस्थान में 33.333 MW / 160.480 MWh क्षमता का नया बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के कमीशन होने से ACME Solar की कुल ऑपरेशनल BESS क्षमता 200 MW / 962.940 MWh तक पहुंच गई है। प्रोजेक्ट की कमर्शियल ऑपरेशन डेट (COD) 6 मई 2026 तय है, जो ऊर्जा भंडारण (energy storage) के क्षेत्र में कंपनी के लिए एक बड़ा कदम है।
कंपनी की रणनीति और भविष्य की योजना
ACME Solar Holdings एक एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा (integrated renewable energy) फर्म है जो सौर, पवन और स्टोरेज के क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी राजस्थान में अपने BESS प्रोजेक्ट्स के विभिन्न चरणों को लगातार चालू कर रही है और 2027 तक 10 GWh BESS क्षमता को ऑपरेशनल में लाने का लक्ष्य रखती है। यह रणनीतिक विस्तार कंपनी की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा हब में उपस्थिति को और मजबूत करेगा।
टैक्स नोटिस का संकट
हालांकि, कंपनी को एक संभावित वित्तीय चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है। ACME Solar Holdings को एक 'शो-कॉज कम डिमांड नोटिस' (Show-Cause cum Demand Notice) मिला है, जिसमें ₹149.73 करोड़ के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) की मांग की गई है, साथ ही ब्याज और जुर्माने का भी ज़िक्र है। यह नोटिस फाइनेंशियल ईयर 2021 से 2025 के बीच सोलर पावर जनरेटिंग सिस्टम पर GST के कथित तौर पर कम भुगतान से संबंधित है। फिलहाल, राजस्थान हाई कोर्ट ने इस नोटिस पर अंतरिम रोक (interim stay) लगा दी है, जिससे कंपनी को अस्थायी राहत मिली है, लेकिन अंतिम परिणाम से महत्वपूर्ण वित्तीय देनदारियां उत्पन्न हो सकती हैं।
बाजार परिदृश्य
प्रतिस्पर्धी BESS बाजार में ACME Solar के प्रतिद्वंद्वियों में Tata Power शामिल है, जो 2019 से BESS में अग्रणी है, और JSW Energy, जिसने बड़े स्टैंडअलोन BESS प्रोजेक्ट ऑर्डर हासिल किए हैं। भारत में कुल BESS क्षमता सितंबर 2025 तक 204.5 MW (505.6 MWh) से अधिक हो गई थी, जो इस क्षेत्र में तेजी से विकास का संकेत देती है।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें
निवेशक नए राजस्थान प्रोजेक्ट की 6 मई 2026 की COD की प्रगति और किसी भी अतिरिक्त क्षमता वृद्धि पर बारीकी से नज़र रखेंगे। GST नोटिस से संबंधित विकास और उसके अंतिम समाधान भी महत्वपूर्ण कारक होंगे।
