ACME Solar का बड़ा ऐलान: राजस्थान में **95 MW** की नई बैटरी स्टोरेज कैपेसिटी जोड़ेगी कंपनी!

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AuthorNeha Patil|Published at:
ACME Solar का बड़ा ऐलान: राजस्थान में **95 MW** की नई बैटरी स्टोरेज कैपेसिटी जोड़ेगी कंपनी!
Overview

ACME Solar Holdings Limited, राजस्थान के जैसलमेर में अपने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के चौथे चरण (Phase IV) को शुरू करने की तैयारी में है। इस विस्तार से ग्रिड में **95 MW** की पावर कैपेसिटी और **200.64 MWh** की एनर्जी स्टोरेज क्षमता जुड़ेगी, जिससे कंपनी की कुल ऑपरेशनल कैपेसिटी बढ़कर **171 MW / 361.14 MWh** हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट के तहत कमर्शियल ऑपरेशन्स **25 मार्च, 2026** से शुरू होने की उम्मीद है।

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जैसलमेर में ACME Solar का विस्तार

ACME Solar Holdings Limited ने ऐलान किया है कि उसकी पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी ACME Suryodaya Private Limited के ज़रिए जैसलमेर, राजस्थान में चल रहा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट अपने चौथे चरण में प्रवेश कर रहा है। इस नए चरण से 95 MW की अतिरिक्त पावर कैपेसिटी और 200.64 MWh की एनर्जी स्टोरेज क्षमता जोड़ी जाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए कमर्शियल ऑपरेशन की तारीख (COD) 25 मार्च, 2026 तय की गई है। इस विस्तार के बाद, जैसलमेर साइट पर कुल ऑपरेशनल कैपेसिटी 171 MW पावर और 361.14 MWh एनर्जी स्टोरेज तक पहुँच जाएगी। कंपनी की योजना इस साइट पर कुल 285 MW / 601.904 MWh की कैपेसिटी हासिल करने की है।

ग्रिड को मिलेगी मजबूती

बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भारत के पावर ग्रिड के लिए बेहद अहम हैं। ये सोलर और विंड जैसे रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों को ग्रिड में आसानी से इंटीग्रेट करने में मदद करते हैं। ये सिस्टम सरप्लस एनर्जी को स्टोर करके पीक डिमांड के समय सप्लाई करते हैं, जिससे फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम होती है। ACME Solar का यह विस्तार भारत की बढ़ती एनर्जी स्टोरेज की मांग और रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कंपनी की आगे की योजनाएं

ACME Solar भारत में एक प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी है और अपने BESS पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। इससे पहले, 5 मार्च, 2026 को कंपनी ने जैसलमेर BESS प्रोजेक्ट का दूसरा चरण चालू किया था, जिसमें 38 MW/82 MWh की क्षमता जोड़ी गई थी। कंपनी ने जून 2025 में NHPC के साथ दो अलग-अलग BESS प्रोजेक्ट्स के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज परचेज एग्रीमेंट्स (BESPA) पर हस्ताक्षर किए थे, जिनकी कुल कैपेसिटी 275 MW/550 MWh थी। सितंबर 2025 में, ACME Solar ने POSCO International Corporation के ज़रिए 2 GWh BESS कैपेसिटी का ऑर्डर दिया था। कंपनी का लक्ष्य पूरे भारत में लगभग 17 GWh BESS कैपेसिटी स्थापित करना है।

सेक्टर की चुनौतियां

हालांकि इस खास प्रोजेक्ट विस्तार से जुड़ी कोई बड़ी जोखिम की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन एनर्जी स्टोरेज सेक्टर को टेक्नोलॉजी की लागत, सप्लाई चेन की निर्भरता और बदलते रेगुलेटरी नियमों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

मार्केट में पकड़

ACME Solar भारत के कॉम्पिटिटिव BESS मार्केट में काम करती है, जहां Tata Power Renewable Energy Ltd., Sterling and Wilson Renewable Energy Ltd., Amara Raja Energy & Mobility Ltd., और Adani Energy Solutions Ltd. जैसी कंपनियां भी मौजूद हैं। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) के अनुसार, भारत में 2032 तक 411.4 GWh एनर्जी स्टोरेज की ज़रूरत होगी, जिसमें 236.22 GWh BESS से आएगा।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को 25 मार्च, 2026 को कमर्शियल ऑपरेशन्स की शुरुआत पर नज़र रखनी चाहिए। इसके अलावा, जैसलमेर प्रोजेक्ट के बाकी फेज़्स में ACME Solar की प्रगति और नए BESS कैपेसिटी एडिशन से जुड़े अपडेट्स पर भी नज़र रहेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.