प्रोजेक्ट में नई पावर का इजाफा
ACME Surya Power Private Limited, जो ACME Solar Holdings Limited की ही एक सब्सिडियरी है, ने अपने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट के तीसरे फेज की शुरुआत की है। इस फेज से 11.429 MW की पावर और 51.354 MWh की स्टोरेज कैपेसिटी मिली है। कंपनी ने 29 मार्च, 2026 को इस डेवलपमेंट की घोषणा की। राजस्थान के Jaimalsar में स्थित यह प्रोजेक्ट, कुल 250 MW / 1103.392 MWh की एक बड़ी पहल का हिस्सा है। इस नए फेज के चालू होने के बाद, कंपनी की कुल कमीशन की गई BESS कैपेसिटी अब 107.143 MW और 481.440 MWh हो गई है। इस फेज के लिए कमर्शियल ऑपरेशन की तारीख 31 मार्च, 2026 तय की गई है, जो प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
BESS क्यों है अहम?
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) ग्रिड की स्थिरता के लिए बहुत ज़रूरी हैं, खासकर जब हम सौर और पवन ऊर्जा जैसे अनिश्चित रिन्यूएबल सोर्स पर ज़्यादा निर्भर हो रहे हैं। BESS अतिरिक्त बिजली को स्टोर करता है और ज़रूरत पड़ने पर, खासकर जब डिमांड ज़्यादा हो, उसे सप्लाई करता है, जिससे बिजली की सप्लाई ज़्यादा भरोसेमंद बनती है। ACME Solar का यह कदम एनर्जी स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है, जो भारत के क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को पूरा करने और लगातार पावर सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह कंपनी को अपने 250 MW BESS कैपेसिटी के लक्ष्य के करीब भी लाता है।
GST नोटिस का खतरा?
हालांकि, कंपनी के लिए कुछ चिंताएं भी हैं। ACME Solar Holdings को हाल ही में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस (DGGI) से एक नोटिस मिला है। इस नोटिस में 1 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2025 तक की अवधि के लिए लगभग ₹149.73 करोड़ के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के कम भुगतान का आरोप लगाया गया है, जो सोलर पावर जनरेटिंग सिस्टम से संबंधित है। ACME Solar का कहना है कि वे टैक्स और लीगल सलाहकारों की मदद से इस नोटिस को चुनौती देंगे और उन्हें उम्मीद है कि इसका कोई तत्काल फाइनेंशियल या ऑपरेशनल असर नहीं होगा। यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि इस तरह के नोटिस दूसरे रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों को भी भेजे गए हैं, जो इस सेक्टर में एक बड़ी चिंता का विषय बन सकता है।
कॉम्पिटिशन और आगे का रास्ता
ACME Solar भारत के BESS मार्केट में कड़े कॉम्पिटिशन का सामना कर रही है। Tata Power Renewable Energy Ltd., Reliance New Energy Ltd., Adani Energy Solutions Ltd., और JSW Energy Ltd. जैसी कंपनियां भी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रही हैं। मार्च 2024 तक, भारत की कुल एनर्जी स्टोरेज कैपेसिटी लगभग 219.1 MWh थी, जो ACME Solar के लिए एक बड़े ग्रोथ पोटेंशियल का संकेत देती है। निवेशक जैसलमेर में 250 MW BESS प्रोजेक्ट के बाकी फेज और कंपनी के अन्य BESS प्रोजेक्ट्स के बारे में अपडेट का इंतज़ार करेंगे। GST डिमांड नोटिस और ACME Solar की लीगल लड़ाई से जुड़े घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहेंगे।