बोर्ड में शामिल हुए दिग्गज एग्जीक्यूटिव
Voltas के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने हाल ही में हुई एक मीटिंग में सुनील एलारिक डिसूजा को नॉन-इंडिपेंडेंट नॉन-एग्जीक्यूटिव एडिशनल डायरेक्टर के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दी है। यह नियुक्ति 14 मई, 2026 से प्रभावी होगी और अगले एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) तक जारी रहेगी। यह फैसला कंपनी की नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी की सिफारिशों के बाद लिया गया है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस और स्ट्रैटेजी को मिलेगी मजबूती
सुनील डिसूजा का कंज्यूमर सेक्टर में लंबा और शानदार अनुभव Voltas के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। उनके नेतृत्व में कंपनी की कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) की प्रक्रियाएं और मजबूत होने की उम्मीद है। साथ ही, कंपनी की ओवरऑल स्ट्रेटेजिक प्लानिंग (Strategic Planning) और एग्जीक्यूशन में भी उनके अनुभव का लाभ मिलेगा।
अनुभव का खजाना
सुनील डिसूजा एक अनुभवी एग्जीक्यूटिव हैं जिन्होंने अपने करियर में कई बड़ी कंपनियों का नेतृत्व किया है। इससे पहले वे व्हर्लपूल इंडिया (Whirlpool India) के मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं। व्हर्लपूल से पहले, उन्होंने टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में इंडिया और एसई एशिया के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर अहम भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में उन्होंने स्ट्रैटेजी बनाने और बिजनेस बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
निवेशकों की उम्मीदें बढ़ीं
इस नियुक्ति से निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। बोर्ड में ऐसे अनुभवी लीडर का शामिल होना, जो कंज्यूमर सेक्टर की बारीकियों को समझता हो, कंपनी के भविष्य के ग्रोथ प्लान को नई दिशा दे सकता है। बाजार की निगाहें अब इस बात पर रहेंगी कि अगले एजीएम में इस नियुक्ति पर औपचारिक मुहर लगने के बाद डिसूजा कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी में क्या बदलाव लाते हैं।
