तिमाही नतीजों में छाई VST Industries, पर पूरे साल की कमाई अटकी
VST Industries के लिए Q4 FY26 के नतीजे काफी उत्साहजनक रहे। कंपनी का आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट साल-दर-साल 120.17% की ज़बरदस्त छलांग लगाकर ₹116.69 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू में भी 50.68% का बड़ा उछाल देखा गया, जो ₹698.89 करोड़ रहा।
इसके विपरीत, पूरे फाइनेंशियल ईयर FY26 के लिए कंपनी का प्रदर्शन थोड़ा फीका रहा। कुल रेवेन्यू 13.17% बढ़कर ₹2,087.05 करोड़ हुआ, लेकिन नेट प्रॉफिट में महज़ 0.64% की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹292.26 करोड़ पर ही स्थिर रहा। बेसिक EPS (Earnings Per Share) ₹17.21 था, जो पिछले साल के ₹17.10 के मुकाबले मामूली ही बढ़ा।
यह बड़ा अंतर मुख्य रूप से कुछ एक-मुश्त खर्चों, बढ़ी हुई इन्वेंटरी और नए सिगरेट टैक्स नियमों के कारण नतीजों की तुलना में आ रही मुश्किलों की वजह से है। मशीनरी रीवैल्यूएशन से ₹48.96 करोड़ का डेप्रिसिएशन कॉस्ट और लेबर कोड लायबिलिटी के लिए ₹6.01 करोड़ जैसे खर्चों ने प्रॉफिट पर असर डाला। इसके अलावा, पिछले साल FY25 में प्रॉपर्टी की बिक्री से ₹100.49 करोड़ का जो एक बार का मुनाफा हुआ था, वह इस साल नहीं हुआ।
फरवरी 2026 से लागू हुए नए सिगरेट टैक्स स्ट्रक्चर की वजह से FY26 के नतीजों की पिछले सालों से सीधी तुलना करना एक बड़ी चुनौती बन गई है।
कंपनी के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि मैनेजमेंट ने ₹12 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है। निवेशकों की नज़रें अब इस बात पर रहेंगी कि नए टैक्स ढांचे के बाद कंपनी की प्राइसिंग स्ट्रेटेजी और सेल्स वॉल्यूम कैसा प्रदर्शन करते हैं। साथ ही, बढ़ती इन्वेंटरी (जो 39.29% बढ़कर ₹674.97 करोड़ हो गई है) और भविष्य में मार्जिन पर टैक्स के असर जैसे मुद्दों पर भी बारीकी से नज़र रखी जाएगी।
VST Industries टोबैको सेक्टर में ITC Ltd और Godfrey Phillips India Ltd जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है, जो समान रेगुलेटरी और टैक्स दबावों का सामना कर रही हैं।
कुल मिलाकर, VST Industries का प्रदर्शन तिमाही और सालाना आधार पर बड़ा अंतर दिखा रहा है। निवेशकों को कंपनी के भविष्य के आउटलुक के लिए टैक्स नियमों के प्रभाव, इन्वेंटरी मैनेजमेंट और लागतों पर ध्यान देना होगा।