टैक्स का बोझ हुआ 94% कम
यह यूनाइटेड ब्रुअरीज के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि इस फैसले से कंपनी पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ लगभग 94% कम हो गया है। पहले ₹29,00,048 की टैक्स डिमांड और पेनाल्टी को घटाकर अब सिर्फ ₹1,85,878 कर दिया गया है। यह कंपनी के लिए एक अहम जीत है।
क्या है मामला और आगे क्या?
हालांकि, कंपनी इस मामले में पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है और बचे हुए अमाउंट पर भी राहत पाने के लिए आगे अपील करने की योजना बना रही है। यूनाइटेड ब्रुअरीज आगे जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT) में इस शेष डिमांड के खिलाफ अपील दायर करेगी।
यह जीत ऐसे समय में आई है जब कंपनी पिछले कुछ समय से कई बड़े टैक्स विवादों से जूझ रही है। 2023 में, कंपनी को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस से ₹1,136 करोड़ की टैक्स डिमांड का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा, मार्च 2026 में ₹31.88 करोड़ और अप्रैल 2026 में महाराष्ट्र के अधिकारियों से ₹22.50 करोड़ की डिमांड भी कंपनी के सामने हैं। मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने भी कंपनी की कुछ पुरानी टैक्स अपीलों को खारिज कर दिया था।
भारत के प्रतिस्पर्धी बीयर मार्केट में Carlsberg India और Anheuser-Busch InBev जैसी कंपनियों के साथ मुकाबला करने वाली यूनाइटेड ब्रुअरीज के लिए विभिन्न राज्यों में सख्त टैक्स नियमों का पालन करना एक बड़ी चुनौती है।
