पानी के बिल पर बड़ी राहत
United Spirits Limited (USL) को जल संसाधन विभाग (WRD) से पानी के शुल्क के एवज में ₹441.95 करोड़ के भुगतान का नोटिस मिला है। यह मांग नवंबर 2018 से फरवरी 2026 तक की अवधि के लिए है।
USL ने इस मोटी रकम को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने बिना किसी अंतरिम सुरक्षा के नोटिस जारी कर दिए थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल दिया है। कोर्ट ने कंपनी को चार हफ्तों के लिए ₹50 करोड़ जमा करने का आदेश दिया है, जिससे फिलहाल कंपनी को बड़ी राहत मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि ₹50 करोड़ की राशि जमा कर दी जाती है, तो WRD इस दौरान USL के खिलाफ कोई जबरिया कार्रवाई (coercive action) नहीं करेगा।
यह मामला भारत की अग्रणी स्पिरिट निर्माता कंपनी, जो Diageo की सहायक कंपनी भी है, United Spirits के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय दावा है। कंपनी का मानना है कि उनके पास एक मजबूत केस है और उन्हें लंबे समय में कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया और इसका अंतिम नतीजा अहम होगा। भारत के भारी रेगुलेटेड स्पिरिट उद्योग में काम करने वाली बड़ी कंपनियों के लिए इस तरह के टैक्स और रेगुलेटरी विवाद आम हैं।
₹441.95 करोड़ की इस मांग को चुनौती देने वाली कंपनी की रिट याचिका (writ petition) बॉम्बे हाई कोर्ट में अभी भी विचाराधीन है। शेयरधारक इस मामले की प्रगति पर नजर रखेंगे कि आगे कंपनी पर कितना वित्तीय बोझ पड़ सकता है।