चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों पर नजर डालें तो, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 17.61% की बढ़त के साथ ₹5,486.18 करोड़ रहा। वहीं, तिमाही का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹424.02 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी का कहना है कि यह मजबूत प्रदर्शन Business Momentum और सफल Strategy Execution का नतीजा है। इसके अलावा, जनवरी 2023 में Capital Foods (Smith & Jones) के इंटीग्रेशन को पूरा करना भी कंपनी के Branded Foods सेगमेंट के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित हुआ है। कंपनी ने अपने यूरोपियन ऑपरेशंस को भी स्ट्रीमलाइन किया है।
इस दमदार परफॉरमेंस का सीधा फायदा शेयरहोल्डर्स को ₹10 प्रति शेयर के 1000% डिविडेंड के रूप में मिलेगा, जो कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ और शेयरहोल्डर रिटर्न के प्रति भरोसा दिखाता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी, खासकर FMCG सेक्टर में, इसे और मजबूत बनाएगी।
हालांकि, कुछ चिंताओं पर भी ध्यान देना ज़रूरी है। पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए एसोसिएट्स (Associates) और जॉइंट वेंचर्स (Joint Ventures) से कंपनी को ₹90.70 करोड़ का कंसोलिडेटेड लॉस हुआ है। इसके अलावा, कुछ एक्सेप्शनल आइटम्स (Exceptional Items) के कारण ₹20.06 करोड़ का नेट चार्ज भी लगा है।
बाजार में Tata Consumer Products, Hindustan Unilever Ltd (HUL) और ITC Ltd जैसी कंपनियों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा में है। हाल के नतीजों से पता चलता है कि कंपनी अपनी स्ट्रेटेजिक पहलों और एक्वायर्ड बिजनेस के सफल इंटीग्रेशन से आगे बढ़ रही है। भविष्य में, निवेशकों की नजर कंपनी के नए प्रोडक्ट लॉन्च, एसोसिएट्स का प्रदर्शन और मार्केट शेयर पर रहेगी।
