ESG में Tata Consumer की बड़ी छलांग!
Tata Consumer Products ने अपने फाइनेंशियल ईयर (FY) 2025-26 के लिए बिज़नेस रिस्पोंसिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट (BRSR) पेश की है। इस रिपोर्ट में कंपनी ने पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किए हैं, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा पॉजिटिव संकेत है।
मुख्य उपलब्धियां:
- कार्बन न्यूट्रैलिटी: कंपनी ने Scope 1 और Scope 2 एमिशन के लिए ग्लोबल कार्बन न्यूट्रैलिटी हासिल कर ली है।
- वाटर पॉजिटिविटी और ज़ीरो वेस्ट: Tata Consumer अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में वाटर पॉजिटिव बनी हुई है और ज़ीरो वेस्ट टू लैंडफिल (Zero Waste to Landfill) के लक्ष्य को भी बरकरार रखा है।
- रिन्यूएबल एनर्जी: कंपनी अपने कुल एनर्जी कंजम्पशन का 47% अब रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स से पूरा कर रही है।
- प्रोडक्ट इनोवेशन: FY25-26 में लॉन्च किए गए नए प्रोडक्ट्स में से 55% हेल्थ और वेलनेस पर केंद्रित थे।
BSI Group India Private Limited ने कंपनी की इस रिपोर्टिंग को उचित एश्योरेंस (assurance) प्रदान किया है।
निवेशकों के लिए ESG क्यों है ज़रूरी?
आज के दौर में, मज़बूत ESG परफॉरमेंस कंपनियों के लिए इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (institutional investors) को आकर्षित करने, ब्रांड इमेज को बेहतर बनाने और लॉन्ग-टर्म फंडिंग हासिल करने में अहम भूमिका निभाती है। जो कंपनियां सस्टेनेबिलिटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाती हैं, उन्हें अक्सर कैपिटल तक बेहतर पहुंच मिलती है और वे स्टेकहोल्डर्स का विश्वास जीत पाती हैं।
Tata की लंबी अवधि की सस्टेनेबिलिटी विज़न
Mazboot ESG रिपोर्टिंग की विरासत पर चलते हुए, Tata Consumer Products टाटा ग्रुप की जिम्मेदार बिज़नेस प्रथाओं और सामुदायिक कल्याण की पुरानी प्रतिबद्धता के तहत काम करती है। यह अप्रोच कंपनी को 2030 और 2040 के लिए निर्धारित अपने महत्वाकांक्षी सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है।
ESG उपलब्धियों का प्रभाव
कार्बन न्यूट्रैलिटी हासिल करने और रिन्यूएबल एनर्जी के उपयोग को बढ़ाने से Tata Consumer की ESG प्रोफाइल मज़बूत होती है। इससे ESG इवैल्यूएटर्स से बेहतर रेटिंग मिल सकती है और सस्टेनेबिलिटी-केंद्रित इन्वेस्टमेंट फंड्स की रुचि बढ़ सकती है। यह क्लाइमेट-रिलेटेड रिस्क और अवसरों को मैनेज करने में कंपनी के सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिससे एनर्जी एफिशिएंसी के माध्यम से ऑपरेशनल कॉस्ट को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
वेस्ट डेटा रिपोर्टिंग में चुनौतियां
एश्योरेंस प्रोवाइडर BSI Group ने वेस्ट मैनेजमेंट डिस्क्लोजर में कुछ विसंगतियां पाईं। डेटा की उपलब्धता में भिन्नता के कारण अलग-अलग लोकेशन्स पर रिपोर्टिंग में असंगति देखी गई, जो व्यापक डेटा कलेक्शन में संभावित कमियों का संकेत देती है।
प्रतिस्पर्धियों के बीच ESG परिदृश्य
Hindustan Unilever Ltd (HUL) और ITC Ltd जैसे प्रतिस्पर्धी भी ESG पहलों में भारी निवेश कर रहे हैं। HUL पानी के संरक्षण और पैकेजिंग कचरे को कम करने पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि ITC अपने क्लाइमेट-पॉजिटिव प्रयासों और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के लिए जाना जाता है। Tata Consumer की रिपोर्टेड कार्बन न्यूट्रैलिटी और रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा उपयोग इसे प्रतिस्पर्धी बनाता है।
प्रमुख फाइनेंशियल और ऑपरेशनल डेटा
- कंपनी ने FY25–26 के लिए ₹14,700.05 करोड़ का स्टैंडअलोन टर्नओवर रिपोर्ट किया।
- FY25–26 के अंत तक इसका स्टैंडअलोन नेट वर्थ ₹18,289.64 करोड़ था।
- FY25–26 के दौरान कुल ऊर्जा उपभोग का 47% रिन्यूएबल एनर्जी से आया।
- FY25–26 में कुल 23,706 MT वेस्ट जेनरेट हुआ।
- FY25–26 तक कंपनी के पास 23,639 कर्मचारी थे।
भविष्य के ESG माइलस्टोन
निवेशक कंपनी की 2030 और 2040 की सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों की ओर प्रगति पर नज़र रखेंगे। वेस्ट डेटा रिपोर्टिंग की कंसिस्टेंसी में सुधार और सभी व्यावसायिक ऑपरेशन्स में ESG सिद्धांतों को एकीकृत करना कुछ प्रमुख क्षेत्र होंगे जिन पर नज़र रखी जाएगी।