Suryo Foods & Industries Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने लेखा-परीक्षित (audited) नतीजे जारी किए हैं। नतीजों के अनुसार, कंपनी को ₹35.82 लाख (जो ₹0.36 करोड़ के बराबर है) का शुद्ध नुकसान (Net Loss) हुआ है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹24.87 लाख (यानी ₹0.25 करोड़) के मुनाफे की तुलना में एक बड़ा उलटफेर है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी के वैधानिक ऑडिटर, Sanjit Mohanty & Co., ने रिपोर्ट किया है कि इस अवधि के दौरान संचालन (operations) से कंपनी का राजस्व शून्य रहा है।
इसी बीच, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 4 मई 2026 को हुई बैठक में Chief Financial Officer (CFO) मिस्टर Bijay Kumar Dash के तत्काल इस्तीफे को स्वीकार कर लिया।
ओडिशा स्थित यह कंपनी मुख्य रूप से झींगा हैचरी (shrimp hatchery) और सी-फूड (seafood) व्यवसाय के लिए जानी जाती है। हालांकि, ऐसा लग रहा है कि कंपनी ने अपनी मुख्य एक्वाकल्चर (aquaculture) गतिविधियों को रोक दिया है। घाटे को पूरा करने के लिए कंपनी 'अन्य आय' (other income) जैसे कि डिपॉजिट पर ब्याज पर निर्भर हो रही है, जो लंबे समय तक चलने वाला समाधान नहीं है।
इन मुश्किलों के बीच, Suryo Foods ने फरवरी 2026 में एक राइट्स इश्यू (rights issue) के ज़रिए लगभग ₹5.94 करोड़ जुटाने का प्रयास किया था।
CFO के इस्तीफे ने कंपनी के वित्तीय प्रबंधन में एक नेतृत्व का खालीपन पैदा कर दिया है। ऑडिटर की रिपोर्ट के बावजूद, मुख्य व्यावसायिक गतिविधियों से राजस्व का पूरी तरह से गायब होना कंपनी के वर्तमान संचालन पर गंभीर संदेह पैदा करता है। यह स्थिति, लगातार नेट लॉस और निगेटिव शेयरहोल्डर इक्विटी के साथ मिलकर, कंपनी की गहरी वित्तीय संकट की ओर इशारा करती है।
जहां Britannia Industries और Hindustan Unilever जैसी बड़ी फूड कंपनियां मजबूत रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी बनाए हुए हैं, वहीं Suryo Foods अपने ऑपरेशनल इनकम में पूरी तरह ठहराव का सामना कर रही है। निवेशक अब नए CFO की नियुक्ति, मुख्य संचालन को फिर से शुरू करने या नए व्यवसायों की घोषणा और भविष्य के वित्तीय नतीजों पर बारीकी से नज़र रखेंगे, ताकि राजस्व में वृद्धि और मुनाफे की राह पर वापसी के कोई संकेत मिल सकें।
