Q4 में चमकी कमाई, पर साल भर का मुनाफा क्यों गिरा?
Sula Vineyards के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों के मुताबिक, 31 मार्च 2026 को खत्म हुई चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 7.1% बढ़ा। यह बढ़ोतरी 'Own Brands' और 'Wine Tourism' सेग्मेंट्स से हुई। लेकिन, जब हम पूरे फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) के नतीजों को देखें, तो रेवेन्यू 4% घटकर ₹596.2 करोड़ पर आ गया।
पूरे साल का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 63% की भारी गिरावट के साथ ₹25.7 करोड़ पर पहुँच गया। विश्लेषकों का मानना है कि इस बड़ी गिरावट का मुख्य कारण पिछले फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) में ₹10.4 करोड़ का मिला एक बार का 'Wine Industry Production Scheme' (WIPS) का बेनिफिट था, जो इस बार नहीं मिला।
वाइन टूरिज्म से नए अवसर
कंपनी ने बताया कि Nashik में Chandon के 19 एकड़ के वाइन एस्टेट को करीब ₹20 करोड़ में एक्वायर (acquire) करने की योजना है। इससे कंपनी की वाइन प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ेगी और टूरिज्म ऑफर्स भी बेहतर होंगे। Sula Vineyards का लक्ष्य है कि इस अधिग्रहण से भविष्य में कंपनी के रेवेन्यू में और ग्रोथ आए, खासकर वाइन टूरिज्म से।
विस्तार और नई लॉन्चिंग
Sula Vineyards ने Q3 FY26 में 'The Haven by Sula' रिसॉर्ट लॉन्च किया था और FY26 के दौरान अपनी सेलर कैपेसिटी को 10 लाख लीटर बढ़ाया था, जिससे अब कुल कैपेसिटी 1.92 करोड़ लीटर हो गई है। FY27 में कंपनी 'The Source Grenache Red' जैसी नई वाइन भी लॉन्च करने की तैयारी में है।
टैक्स और लीगल चुनौतियाँ
कंपनी को कुछ टैक्स संबंधी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। FY23 के लिए F-Forms और C-Forms से जुड़े ₹6.45 करोड़ के डिमांड नोटिस के खिलाफ कंपनी अपील करेगी। साथ ही, महाराष्ट्र आबकारी विभाग से ₹116 करोड़ के एक्साइज ड्यूटी नोटिस को भी बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को Chandon एस्टेट के अधिग्रहण और उसके एकीकरण पर नजर रखनी चाहिए। FY27 में आने वाली नई वाइन लॉन्चिंग का परफॉरमेंस कैसा रहता है, यह देखना होगा। साथ ही, कंपनी कैसे टैक्स और रेगुलेटरी चुनौतियों से निपटती है, इस पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।
