सालाना मुनाफे में बड़ी गिरावट, Q4 नतीजों में भी सुस्ती
भारत की सबसे बड़ी वाइन प्रोड्यूसर, Sula Vineyards ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के नतीजे जारी किए हैं। इन नतीजों में कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 63.46% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले साल के ₹70.20 करोड़ से घटकर ₹25.65 करोड़ रह गया। वहीं, FY26 में कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम भी 3.64% कम होकर ₹600.62 करोड़ रही।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) की बात करें तो, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 33.31% लुढ़क कर ₹8.69 करोड़ पर आ गया। हालांकि, इस दौरान कंसोलिडेटेड टोटल इनकम 7.51% बढ़कर ₹144.17 करोड़ दर्ज की गई। एक और चिंताजनक बात यह है कि Q4 में कंपनी ने स्टैंडअलोन (Standalone) नेट लॉस ₹5.76 करोड़ का सामना किया, भले ही स्टैंडअलोन टोटल इनकम ₹113.22 करोड़ रही।
कंपनी के कुल कंसोलिडेटेड एक्सपेंस (Expenses) भी बढ़कर ₹563.31 करोड़ हो गए, जो पिछले साल ₹534.97 करोड़ थे। इसके अलावा, ब्रांड्स और गुडविल से जुड़ा ₹1.82 करोड़ का एक एक्सेप्शनल इम्पेयरमेंट लॉस (Exceptional Impairment Loss) भी रिकॉग्नाइज किया गया।
मुनाफे में आई इस सुस्ती को देखते हुए, Sula Vineyards ने फाइनल डिविडेंड (Dividend) के तौर पर ₹2 प्रति शेयर देने की सिफारिश की है। यह पिछले साल दिए गए ₹3.6 प्रति शेयर के डिविडेंड से काफी कम है।
अब इनवेस्टर्स की नजरें मैनेजमेंट की कॉस्ट कंट्रोल (Cost Control) और बॉटम लाइन (Bottom Line) को बेहतर बनाने की स्ट्रैटेजी (Strategy) पर होंगी। मुनाफे में तेज गिरावट और डिविडेंड कट (Dividend Cut) से इनवेस्टर्स के सेंटीमेंट (Sentiment) पर असर पड़ सकता है।
