Sula Vineyards ने अपने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दे दी है, और यह नतीजे निवेशकों के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट FY26 में ₹25.65 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर FY25 के ₹70.20 करोड़ की तुलना में 64% की भारी गिरावट दर्शाता है।
इस कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए, कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹2 प्रति शेयर (100%) का फाइनल डिविडेंड (Dividend) रेकमेंड (Recommend) किया है। यह पिछले साल घोषित ₹3.60 प्रति शेयर के डिविडेंड से काफी कम है। कंपनी की 23वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 25 जून 2026 को आयोजित की जाएगी, जहाँ शेयरहोल्डर्स (Shareholders) इस डिविडेंड पर अंतिम फैसला लेंगे। डिविडेंड पाने के अधिकार के लिए रिकॉर्ड डेट 22 मई 2026 तय की गई है।
यह मुनाफा और डिविडेंड में कटौती कंपनी के सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर करती है। FY25 में जहां पोस्ट-पैंडेमिक रिकवरी, विस्तार पहलों और प्रीमियम ब्रांड्स के मजबूत प्रदर्शन के दम पर अच्छी ग्रोथ दिखी थी, वहीं इस बार लागतों में बढ़ोतरी और बिक्री में नरमी (Subdued Sales) का असर साफ दिख रहा है। इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा (Competition) और इनपुट कॉस्ट (Input Costs) में इजाफे ने मार्जिन पर दबाव बनाया है।
हालांकि, कंपनी का वाइन टूरिज्म (Wine Tourism) सेगमेंट अभी भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, जो एक सकारात्मक पक्ष है। इसके अलावा, कंपनी को GST और एक्साइज ड्यूटी से जुड़े कुछ पुराने टैक्स डिमांड्स का भी सामना करना पड़ रहा है, जिन पर वह अपील कर रही है।
भारतीय वाइन मार्केट में अपनी मजबूत स्थिति के बावजूद, Sula Vineyards अल्कोहलिक बेवरेजेज (Alcoholic Beverages) सेक्टर में United Spirits Ltd. और Radico Khaitan Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। अब निवेशक कंपनी की अगली स्ट्रेटेजी (Strategy) पर बारीकी से नजर रखेंगे कि कैसे वे इन चुनौतियों से पार पाकर ग्रोथ को फिर से पटरी पर लाते हैं।
