Sula Vineyards के FY26 नतीजे: क्या हुआ?
FY2026 के लिए Sula Vineyards के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स सामने आ गए हैं। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 64% की भारी गिरावट के साथ ₹25.65 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY2025) में ₹70.20 करोड़ था। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹619.38 करोड़ से घटकर ₹596.19 करोड़ पर आ गया।
मुनाफे में गिरावट की वजहें
इस भारी गिरावट की एक बड़ी वजह इम्पेयरमेंट लॉसेस (impairment losses) रहीं। कंपनी की बुक्स में ₹8.11 करोड़ का स्टैंडअलोन और ₹1.82 करोड़ का कंसोलिडेटेड इम्पेयरमेंट लॉस दर्ज किया गया, जो सब्सिडियरी में निवेश से जुड़ा है। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में तो और भी बड़ी सेंध लगी, जो ₹33.40 करोड़ से लुढ़ककर सिर्फ ₹3.10 करोड़ रह गया।
डिविडेंड में भी कटौती
इन कमजोर नतीजों और चुनौतीपूर्ण माहौल को देखते हुए, कंपनी के बोर्ड ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए फाइनल डिविडेंड (dividend) में भी कटौती का ऐलान किया है। अब शेयरधारकों को ₹2 प्रति शेयर का डिविडेंड मिलेगा, जो पिछले साल FY2025 में ₹3.6 प्रति शेयर था।
कंपनी की स्थिति और चुनौतियाँ
Sula Vineyards भारत की सबसे बड़ी और जानी-मानी वाइन निर्माता कंपनी है, जिसने नासिक को 'वाइन कैपिटल' बनाने में अहम भूमिका निभाई है। कंपनी अपने वाइन टूरिज्म और टेस्टिंग अनुभवों के लिए भी मशहूर है। हालांकि, FY2026 के नतीजे बताते हैं कि कंपनी को हाल के दिनों में बाजार की चुनौतियों, सेल्स में नरमी और राज्यों में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 3.7% और स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 4.9% की गिरावट इसी ओर इशारा करती है।
आगे क्या?
यह कंपनी एल्कोहलिक बेवरेज सेक्टर में United Spirits Ltd., Radico Khaitan Ltd., और Globus Spirits Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है, हालांकि वाइन सेगमेंट में Sula की अपनी खास पहचान है। निवेशक अब आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ₹2 प्रति शेयर के डिविडेंड पर होने वाली वोटिंग का इंतजार करेंगे। साथ ही, कंपनी की अगली रणनीति पर भी नजर रहेगी कि कैसे वह रेवेन्यू और प्रॉफिट में आई इस गिरावट को संभालने में कामयाब होती है।
