आखिर क्या है ये बदलाव और क्यों हुआ?
Shanti Gold International Ltd के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कंपनी की अकाउंटिंग पॉलिसी में एक अहम फेरबदल को मंजूरी दे दी है। अब से कंपनी अपनी इन्वेंटरी का वैल्यूएशन FIFO (पहले आया, पहले गया) तरीके से नहीं, बल्कि WAC (वेटेड एवरेज कॉस्ट) तरीके से करेगी। यह बदलाव 1 अप्रैल, 2024 से प्रभावी माना जाएगा और फाइनेंशियल ईयर 2025-26 से इसका असर वित्तीय रिपोर्टिंग में दिखेगा।
पैसों पर क्या पड़ा असर?
इस नई WAC मेथड का सीधा असर कंपनी के प्रॉफिट पर दिख रहा है। अगर FY25 के नतीजों को WAC मेथड से देखें, तो प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹7,109.33 लाख होता, जो FIFO मेथड के तहत रिपोर्ट हुए ₹7,283.09 लाख से ₹173 लाख कम है।
लेकिन, अच्छी खबर यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY25-26) में स्थिति बिल्कुल उलट गई। WAC मेथड के हिसाब से इस तिमाही का PBT ₹4,589.65 लाख रहा, जो FIFO मेथड के तहत उसी अवधि के ₹3,291.65 लाख से ₹1297 लाख का जबरदस्त उछाल दिखाता है।
कंपनी की दलील और आगे क्या?
सोना-चांदी के गहने बनाने और ट्रेड करने वाली Shanti Gold का कहना है कि यह बदलाव उनकी वित्तीय रिपोर्टिंग को और सटीक बनाएगा और इंडस्ट्री की आम प्रैक्टिस के अनुरूप लाएगा। WAC मेथड से इन्वेंटरी की लागत का औसत निकलना आसान होता है, जिससे प्रॉफिट में अचानक बड़े उतार-चढ़ाव से बचने में मदद मिलती है।
निवेशकों को अब यह ध्यान रखना होगा कि भविष्य में कंपनी के नतीजों में इन्वेंटरी वैल्यूएशन का तरीका बदलेगा। पुराने सालों के नतीजों से तुलना करते समय थोड़ी सावधानी बरतनी होगी।
