पूरे साल का हाल: मुनाफे से घाटे में आई कंपनी
अगर पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) की बात करें, तो Sapphire Foods का रेवेन्यू 8.45% बढ़कर ₹3,125.32 करोड़ रहा। लेकिन, कंपनी पिछले साल के ₹16.70 करोड़ के मुनाफे से इस साल ₹31.95 करोड़ के नेट लॉस में चली गई है। कुल खर्च ₹3,166.66 करोड़ रहा, जो कुल आय ₹3,153.36 करोड़ से ज्यादा है। ऑडिटर्स ने नतीजों पर अनमॉडिफाइड ओपिनियन दिया है।
क्यों हो रहा है घाटा?
इस नतीजे के पीछे कई वजहें हैं। कंपनी का कहना है कि ऑपरेटिंग खर्चों में बढ़ोतरी, नए लेबर लॉ (Labour Law) से जुड़ी लागतें और Devyani International के साथ चल रही मर्जर (Merger) की प्रक्रियाओं से जुड़े खर्चों ने मुनाफे को बुरी तरह प्रभावित किया है। इन सब के चलते कंपनी घाटे में चल रही है, जबकि सेल (Sale) बढ़ रही है।
मर्जर और आगे की राह
Sapphire Foods, Devyani International के साथ मर्जर की तैयारी कर रही है, जिसने QSR (Quick Service Restaurant) सेक्टर में एक बड़ी कंपनी बनने की उम्मीद जगाई है। हालांकि, यह मर्जर अभी कंपनी के लिए खर्च का एक बड़ा जरिया बना हुआ है। निवेशकों को निकट भविष्य में भी घाटे का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि कंपनी मर्जर इंटीग्रेशन और खर्चों को मैनेज करने पर फोकस कर रही है।
मुख्य जोखिम (Key Risks)
कंपनी पर ₹1,287.35 करोड़ की लीज लायबिलिटी (Lease Liabilities) का भारी बोझ है। इसके अलावा, मर्जर से जुड़े खर्चे और नए नियमों के कारण लागत का बढ़ना, आने वाले समय में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) के लिए बड़े जोखिम बने हुए हैं।
प्रतिस्पर्धी (Peers)
Sapphire Foods के साथ मर्जर कर रही Devyani International भी QSR स्पेस में एक बड़ी खिलाड़ी है, जो KFC, Pizza Hut और Costa Coffee जैसे ब्रांड चलाती है। वहीं, Jubilant FoodWorks (Domino's Pizza, Popeyes) भी एक मुख्य प्रतिस्पर्धी है। Jubilant FoodWorks जहां लगातार मुनाफा कमा रही है, वहीं Sapphire Foods लागतों और मर्जर से जूझ रही है।
