रिकॉर्ड तिमाही, लेकिन तस्वीर मिली-जुली
Sapphire Foods India Ltd (SFIL) के लिए Q4 FY26 वाकई में एक 'रिकॉर्ड तिमाही' रही, खासकर Same-Store Sales Growth (SSSG) और एडजस्टेड EBITDA के मोर्चे पर, जो पिछले 12 तिमाहियों में सबसे अच्छा प्रदर्शन है।
KFC की शानदार परफॉर्मेंस, Pizza Hut पर सवाल?
कंपनी के KFC सेगमेंट ने कमाल कर दिखाया। Q4 FY26 में इसका रेवेन्यू 15% बढ़ा, जो पिछले 8 तिमाहियों में सबसे तेज ग्रोथ है। पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए KFC का EBITDA मार्जिन 16.3% रहा।
दूसरी तरफ, Pizza Hut India का प्रदर्शन चिंताजनक बना हुआ है। Q4 FY26 में रेवेन्यू 6% घट गया, और पूरे साल के लिए यह गिरावट 7% रही। रेस्टोरेंट EBITDA भी पूरे साल -3.3% नेगेटिव रहा।
श्रीलंका में मजबूती, भारत में वैल्यू पर फोकस
कंपनी के श्रीलंका ऑपरेशंस ने भी दम दिखाया। वहाँ स्थानीय मुद्रा (LKR) में रेवेन्यू 15% बढ़ा और लगातार छठी तिमाही डबल-डिजिट SSSG हासिल की, भले ही वहाँ LPG और फ्यूल की दिक्कतें थीं।
Pizza Hut India में बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनी ₹99 जैसे वैल्यू ऑफरिंग्स पर जोर दे रही है, ताकि ट्रांजेक्शन वॉल्यूम बढ़ सके।
Devyani International संग मर्जर पर क्या है अपडेट?
Sapphire Foods, जो Yum! Brands की KFC, Pizza Hut और Taco Bell जैसी फ्रेंचाइजी चलाती है, Devyani International के साथ बड़े मर्जर की योजना पर काम कर रही है। इस मर्जर का लक्ष्य FY27 के अंत तक पूरा हो जाना है, जिससे QSR सेक्टर में एक बड़ी एंटिटी बनेगी।
लागत का दबाव और निवेशक चिंताएं
कंपनी के लिए LPG की कीमतों में 25-40% की बढ़ोतरी एक बड़ा रिस्क है, जिससे EBITDA 30-50 बेसिस पॉइंट्स तक प्रभावित हो सकता है। अगर वेंडर पार्टनर वैल्यू कैम्पेन में सपोर्ट कम कर देते हैं, तो ग्रॉस मार्जिन 50-70 बेसिस पॉइंट्स गिर सकता है। Pizza Hut ब्रांड को भी लगातार प्रॉफिटेबल बनाने की चुनौती है।
FY25 के लिए Sapphire Foods का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,872 करोड़ और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹32.4 करोड़ था। कंपनी नए स्टोर्स, रेनोवेशन आदि के लिए लगभग ₹320 करोड़ का Capex करने की योजना बना रही है।
निवेशकों की नजरें मर्जर की प्रगति, Pizza Hut को पटरी पर लाने की रणनीति, LPG लागत को संभालने के तरीके और श्रीलंका में विस्तार पर टिकी रहेंगी।
