Sanofi Consumer Healthcare India ने अपने स्टेट्यूटरी ऑडिटर Kalyaniwalla & Mistry LLP का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। यह बदलाव 30 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
ऑडिट फर्म ने अपने इस्तीफे का मुख्य कारण यह बताया है कि पिछले फीस स्ट्रक्चर पर फाइनेंशियल ईयर 2026 का ऑडिट जारी रखना अब उनके लिए 'कमर्शियली वायबल' (commercially viable) नहीं है, यानी व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य नहीं रहा।
नए ऑडिटर की नियुक्ति जरूरी
इस इस्तीफे के बाद, Sanofi Consumer Healthcare India को अब अपनी वित्तीय रिपोर्टिंग की देखरेख के लिए एक नए स्टेट्यूटरी ऑडिटर को नियुक्त करने की आवश्यकता होगी।
ऑडिट में कोई समस्या नहीं
सबसे अहम बात यह है कि Kalyaniwalla & Mistry LLP ने स्पष्ट किया है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें ऑडिट एविडेंस (audit evidence) प्राप्त करने या अकाउंटिंग मैटर्स (accounting matters) पर चर्चा करने में कोई दिक्कत नहीं आई। यह आश्वासन देता है कि इस्तीफा केवल फीस के मुद्दे पर है, न कि किसी अकाउंटिंग विसंगति या ऑडिट चुनौती के कारण।
नियुक्ति का संदर्भ
यह ध्यान देने योग्य है कि Kalyaniwalla & Mistry LLP को हाल ही में 25 अप्रैल 2024 को नियुक्त किया गया था। उनका टर्म मूल रूप से फाइनेंशियल ईयर 2029 तक एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) तक जारी रहने वाला था। अब फाइनेंशियल ईयर 2026 के ऑडिट और उसके बाद की अवधि के लिए एक नए ऑडिटर की नियुक्ति की जाएगी।
कंपनी वित्तीय नियमों का पालन और बिजनेस में निरंतरता बनाए रखने के लिए एक सुचारू ट्रांजीशन (smooth transition) सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
