सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। वहीं, प्लैटिनम पर ड्यूटी 6.4% से बढ़ाकर 15.4% कर दी गई है। ये नए नियम 15 मई, 2026 से लागू हो गए हैं।
इस बढ़ोतरी के बावजूद, Renaissance Global Limited (RGL) ने स्पष्ट किया है कि इन बदलावों का उसके बिज़नेस ऑपरेशंस या फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
RGL का एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट SEEPZ स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) में स्थित है। यह यूनिट मुख्य रूप से एक्सपोर्ट के लिए ज्वैलरी बनाने पर फोकस करती है। SEZ यूनिट्स को आमतौर पर एक्सपोर्ट किए जाने वाले गुड्स के लिए इम्पोर्ट किए गए कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में छूट मिलती है। इस वजह से, ये डोमेस्टिक इंपोर्ट ड्यूटी में हुए बदलावों से सुरक्षित रहती हैं।
इसके अलावा, कंपनी का डोमेस्टिक रिटेल बिज़नेस उसके कुल रेवेन्यू में 1% से भी कम का योगदान देता है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में भी डोमेस्टिक रिटेल सेल्स का हिस्सा 1% से काफी कम ही रहा था।
ज्वैलरी इंडस्ट्री के लिए इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव सीधे तौर पर कच्चे माल की लागत को प्रभावित करते हैं। वहीं, RGL का SEZ मॉडल और कम डोमेस्टिक निर्भरता उसे इस खास ड्यूटी बदलाव के मामले में अपने कॉम्पिटिटर्स से अलग स्थिति में रखती है। Titan Company, Kalyan Jewellers, और PC Jeweller जैसी कंपनियों, जिनका डोमेस्टिक रिटेल बिज़नेस बड़ा है, उन्हें सोने की बढ़ी हुई लागत के कारण मार्जिन पर दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
सोना और चांदी पर नई ड्यूटी 15% (पहले 6%) है, और प्लैटिनम पर 15.4% (पहले 6.4%)। निवेशकों को RGL की एक्सपोर्ट ऑर्डर बुक और SEZ यूनिट के प्रोडक्शन वॉल्यूम पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी की अगली अर्निंग्स कॉल में मैनेजमेंट का विस्तृत आउटलुक देखना महत्वपूर्ण होगा।