जानिए क्यों बंद हो रही है 'ट्रेडिंग विंडो'?
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया है कि 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाला यह 'ट्रेडिंग विंडो क्लोजर' 48 घंटे तक चलेगा। इस दौरान, कंपनी के अंदरूनी कर्मचारी और उनके करीबी रिश्तेदार Radico Khaitan के शेयर खरीद या बेच नहीं पाएंगे।
यह कदम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के 'इनसाइडर ट्रेडिंग' (Insider Trading) को रोकने के नियमों के तहत उठाया गया है। इन नियमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति कंपनी की गैर-सार्वजनिक जानकारी का फायदा उठाकर शेयर बाजार में मुनाफा न कमा सके।
Radico Khaitan का प्रदर्शन और भविष्य
1943 में स्थापित Radico Khaitan भारत की प्रमुख शराब निर्माता कंपनियों में से एक है, जिसके 8PM Whisky और Magic Moments Vodka जैसे ब्रांड काफी लोकप्रिय हैं। कंपनी अक्सर वित्तीय वर्ष के अंत के आसपास अपना 'ट्रेडिंग विंडो' बंद करती रही है।
पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया था। Radico Khaitan ने FY25 में ₹345.61 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 31.83% अधिक था। वहीं, कंपनी की कुल आय ₹17,103.39 करोड़ रही।
FY25 की चौथी तिमाही (Q4 FY25) में भी कंपनी की बिक्री 20.85% बढ़कर ₹1,304 करोड़ पर पहुंच गई थी, और नेट प्रॉफिट 59.65% की उछाल के साथ ₹91 करोड़ रहा।
ट्रेडिंग पर लगी रोक का मतलब
'ट्रेडिंग विंडो' बंद रहने की अवधि के दौरान, सभी नामित कर्मचारी और उनके क्लोज रिलेटिव्स (close relatives) Radico Khaitan के शेयरों में कोई भी ट्रेड (खरीद या बिक्री) नहीं कर सकेंगे। यह पाबंदी 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगी और वित्तीय नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद ही हटेगी।
Radico Khaitan का इनसाइडर ट्रेडिंग या 'ट्रेडिंग विंडो' नियमों के उल्लंघन से जुड़ा कोई नकारात्मक इतिहास या नियामक समस्या नहीं है। यह एक मानक अनुपालन प्रक्रिया (standard compliance step) है।
इंडस्ट्री के अन्य खिलाड़ी
शराब उद्योग की अन्य प्रमुख कंपनियां, जैसे United Spirits और Pernod Ricard India भी इसी तरह के SEBI नियमों का पालन करती हैं। Pernod Ricard India ने FY25 में ₹27,445.80 करोड़ की बिक्री दर्ज की थी, जबकि United Spirits ने Q4 FY25 में ₹27,276 करोड़ की आमदनी पर 75% का मुनाफा बढ़ाकर ₹421 करोड़ किया था।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतजार रहेगा, जिसमें FY26 के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। नतीजों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 'ट्रेडिंग विंडो' कब दोबारा खुलेगी।
