Parag Milk Foods ने हाल ही में अपनी Monitoring Report पेश की है, जिससे यह साफ हो गया है कि कंपनी ने Preferential Issue of Convertible Warrants के जरिए जुटाए फंड का इस्तेमाल तय उद्देश्यों के अनुसार किया है। India Ratings & Research द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अपने फंड को सही दिशा में लगा रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि ₹40.30 करोड़ का फंड Convertible Warrants के Preferential Issue से मिला था, जो 23 मई, 2025 को लॉन्च किया गया था। इस कुल रकम में से, ₹40 करोड़ का इस्तेमाल Debt Reduction (कर्ज घटाने), Working Capital (कार्यशील पूंजी) को मजबूत करने, Capital Expenditure (Capex) और General Corporate Purposes (सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों) के लिए किया गया है। बाकी बचे ₹0.30 करोड़ को निवेशित रखा गया है।
यह Preferential Issue, जिसका लक्ष्य करीब ₹161.19 करोड़ जुटाना था, कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है। इन फंड्स का उपयोग कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए किया जा रहा है।
India Ratings & Research, जो इस फंड के उपयोग की निगरानी कर रही है, ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वे प्रबंधन के बयानों और ऑडिटर सर्टिफिकेट पर भरोसा करते हैं। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके हितों का कोई टकराव नहीं है।
वित्तीय सेहत की बात करें तो Parag Milk Foods ने FY24 में अपने Debt-to-Equity Ratio को घटाकर 0.8x किया है, जो FY23 में 1.0x था। यह दिखाता है कि कंपनी कर्ज कम करने की अपनी रणनीति पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है।
अब निवेशक इस बात पर भी नज़र रखेंगे कि बाकी बचे Warrants को निवेशक कैसे और कब तक कन्वर्ट करवाते हैं, जिससे फंड जुटाने की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।
