Parag Milk Foods के नतीजों में इस बार ग्रॉस मार्जिन में 28% की बढ़ोतरी देखी गई, जो बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और कंपनी के कुशल एग्जीक्यूशन का नतीजा है। कंपनी के 'नए एज' बिजनेस सेगमेंट, जिनमें Avvatar और Pride of Cows शामिल हैं, ने Q4 FY26 में तिमाही रेवेन्यू में ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया।
हालांकि, ग्रॉस मार्जिन में सुधार के बावजूद, Parag Milk Foods ने EBITDA में तिमाही और सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की। इसका मुख्य कारण कच्चे माल, जैसे दूध और पैकेजिंग, की कीमतों में महंगाई का बढ़ना है, जिसने ऑपरेशनल खर्चों को बढ़ाया।
ये नतीजे कंपनी के स्ट्रैटेजिक बदलाव को दर्शाते हैं, जिसमें हायर-मार्जिन वाले डेयरी और न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाया गया है। 'नए एज' बिजनेस को कंपनी ग्रोथ का एक मुख्य ड्राइवर मान रही है। Parag Milk Foods प्रीमियम प्रोडक्ट्स और वैल्यू-एडेड ऑफरिंग्स, खासकर Avvatar ब्रांड के तहत पनीर (cheese) और व्हे प्रोटीन (whey protein) पर जोर दे रही है। कंपनी ने पनीर और लैक्टोज के प्रोडक्शन कैपेसिटी को भी बढ़ाया है, जो बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए है।
कंपनी का लक्ष्य अगले 3-5 सालों में 'नए एज' बिजनेस का कुल रेवेन्यू में 20-25% का योगदान हासिल करना है। साथ ही, कंपनी अपने मुख्य डेयरी प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रीब्यूशन को नॉर्थ और साउथ इंडिया में भी फैला रही है। FY27 के लिए ₹60-70 करोड़ का कैपेक्स (Capex) प्लान किया गया है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से पनीर और लैक्टोज प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने में होगा। कंपनी मॉडर्न ट्रेड, क्विक कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।
कच्चे माल की कीमतों में लगातार महंगाई EBITDA मार्जिन पर दबाव बनाए रख सकती है। प्लान किए गए डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपेंशन या कंज्यूमर एंगेजमेंट स्ट्रैटेजी में किसी भी तरह की रुकावट ग्रोथ को धीमा कर सकती है।
Parag Milk Foods की तरह, Hatsun Agro Product और Britannia Industries जैसे कंपटीटर्स को भी वोलेटाइल रॉ मटेरियल प्राइस और महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। 'नए एज' न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स पर Parag Milk Foods का फोकस इसे अपने साथियों से अलग करता है।
कंपनी का एनुअल रेवेन्यू FY23 के ₹2,380 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹3,800 करोड़ हो गया, जो लगभग 17.2% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्शाता है। 'नए एज' बिजनेस में वॉल्यूम ग्रोथ FY26 में 91% रही। Q4 FY26 में दूध की औसत कीमत ₹42 प्रति लीटर थी।
निवेशकों की नजर 'नए एज' सेगमेंट (Avvatar, Pride of Cows) के ग्रोथ और मार्जिन पर रहेगी। नॉर्थ और साउथ इंडिया में डेयरी डिस्ट्रीब्यूशन का विस्तार भी अहम होगा। महंगाई के असर को मैनेज करने में कंपनी की सफलता पर भी नजर रखी जाएगी।