Pajson Agro India Ltd के लिए FY26 का फाइनेंशियल ईयर शानदार रहा है। कंपनी ने ₹24.78 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 21.4% का तगड़ा उछाल है। वहीं, रेवेन्यू में भी 36.6% की बढ़त देखी गई और यह ₹255.72 करोड़ पर पहुंच गया। ये नतीजे कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस और बाजार की तगड़ी डिमांड की ओर इशारा करते हैं।
इन नतीजों को कंपनी के स्टैचुटरी ऑडिटर M/s P.K. Maheshwari & Co. ने अनमोडिफाइड ओपिनियन (unmodified opinion) के साथ कन्फर्म किया है, जो कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में पारदर्शिता और मजबूती का संकेत देता है।
2021 में स्थापित Pajson Agro India, काजू प्रोसेसिंग (cashew processing) का काम करती है, जिससे वह डोमेस्टिक और इंटरनेशनल मार्केट्स के लिए कर्नेल (kernels) तैयार करती है। कंपनी अपने 'Royal Mewa' ब्रांड के तहत ड्राई फ्रूट्स (dry fruits) भी बेचती है और बाय-प्रोडक्ट्स (by-products) का भी इस्तेमाल करती है।
कंपनी विस्तार की तैयारी में है और BSE से SME IPO के लिए सैद्धांतिक मंजूरी (in-principle approval) मिल चुकी है। IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल आंध्र प्रदेश के विजयनगरम (Vizianagaram) में दूसरी काजू प्रोसेसिंग यूनिट लगाने में किया जाएगा। कंपनी ने अपने अनाकापल्ली (Anakapalli) फैसिलिटी में प्रोसेसिंग कैपेसिटी को दोगुना कर 9,000 मीट्रिक टन से 18,000 मीट्रिक टन कर लिया है।
निवेशकों के लिए यह एक पॉजिटिव संकेत है। कंपनी का ग्रोथ स्ट्रैटेजी, जिसमें कैपेसिटी बढ़ाना और IPO लाना शामिल है, अच्छी तरह से आगे बढ़ता दिख रहा है। हालांकि, एग्रो-प्रोसेसिंग सेक्टर कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन में बाधाओं के प्रति संवेदनशील रहता है। डोमेस्टिक और इंटरनेशनल काजू मार्केट्स में कड़ी प्रतिस्पर्धा भी है।
आने वाले समय में, निवेशकों को IPO की डिटेल्स, विजयनगरम में नई प्रोसेसिंग यूनिट की प्रगति, और 'Royal Mewa' ब्रांड के परफॉरमेंस पर नजर रखनी चाहिए।
