कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (जो दिसंबर 2025 में समाप्त हुई) में अपनी वित्तीय परफॉर्मेंस से सबको चौंका दिया है। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 40% की शानदार उछाल के साथ ₹144.18 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 82% की बड़ी वृद्धि देखी गई और यह ₹23.11 करोड़ दर्ज किया गया। यदि 9 महीनों की बात करें, तो कंपनी ने ₹300.90 करोड़ का रेवेन्यू और ₹43.23 करोड़ का PAT कमाया है।
PNGS Reva Diamond Jewellery, जो 'Reva' ब्रांड नाम से हीरे और कीमती पत्थरों के आभूषण बेचती है, ने हाल ही में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पूरा किया है, जिससे उसे करीब ₹380 करोड़ जुटाने में मदद मिली है। कंपनी की योजना इन फंड्स का इस्तेमाल अपने रिटेल स्टोर्स के विस्तार, मार्केटिंग और ब्रांड को मजबूत करने में करने की है।
यह इन्वेस्टर कॉल निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके जरिए वे कंपनी के मैनेजमेंट से सीधे जुड़कर वित्तीय नतीजों, विस्तार की योजनाओं की गति और भविष्य में कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं पर बारीक जानकारी हासिल करेंगे।
हालांकि, तेजी के इस दौर में कुछ जोखिम भी हैं जिन पर निवेशकों को गौर करना चाहिए। कंपनी अगले 24 से 30 महीनों में अपनी विस्तार योजनाओं पर भारी खर्च करने वाली है, जिससे EBITDA मार्जिन में 1% से 3% तक की कमी आ सकती है। इसके अलावा, कंपनी का कारोबार काफी हद तक महाराष्ट्र पर केंद्रित है, ऐसे में वहां की कोई भी स्थानीय समस्या कंपनी के प्रदर्शन पर असर डाल सकती है। साथ ही, कंपनी अपने अधिकांश माल के लिए टॉप तीन सप्लायर्स पर निर्भर है, जो एक और जोखिम का कारण बन सकता है।
डायमंड ज्वेलरी सेक्टर में Kalyan Jewellers India और Titan Company Ltd. जैसे बड़े नाम भी लगातार इन्वेस्टर कॉल के जरिए अपने शेयरधारकों से संवाद करते हैं।
