Mirc Electronics अपने वित्तीय स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। कंपनी ने शेयरधारकों से ₹66 करोड़ का फंड जुटाने के लिए कन्वर्टिबल वॉरंट्स (Convertible Warrants) जारी करने की योजना बनाई है। इस प्रस्ताव पर मंजूरी लेने के लिए 8 जून, 2026 को एक असाधारण आम बैठक (EGM) आयोजित की जाएगी।
कंपनी का लक्ष्य इस इश्यू के जरिए कुल ₹65.99 करोड़ जुटाना है, जिसके लिए प्रत्येक वॉरंट ₹35.20 की कीमत पर जारी किए जाएंगे।
इस फंड का उपयोग कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, ₹38 करोड़ वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवंटित किए जाएंगे। इसके अलावा, ₹16 करोड़ सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (General Corporate Purposes) के लिए रखे जाएंगे, और बाकी बचे ₹11.99 करोड़ मौजूदा कर्ज (Debt Repayment) को चुकाने के काम आएंगे।
Mirc Electronics, जिसे पहले Dyanora के नाम से भी जाना जाता था, 'Mirco' ब्रांड के तहत कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स (Consumer Electronics) और होम अप्लायंसेज (Home Appliances) के सेक्टर में काम करती है। कंपनी ने हाल के वर्षों में वित्तीय चुनौतियों का सामना किया है। फाइनेंशियल ईयर 2023 में, Mirc Electronics ने ₹176.5 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹11.4 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया था। यह फंड जुटाने की योजना कंपनी के ऑपरेशन्स को स्थिर करने और वित्तीय बोझ को कम करने की रणनीति का हिस्सा है।
यह कदम कंपनी के लिए आवश्यक पूंजी प्रदान करेगा, जिससे उसकी वित्तीय सेहत सुधरने की उम्मीद है। हालांकि, भविष्य में इन वॉरंट्स को इक्विटी शेयर्स में बदलने पर कंपनी का इक्विटी बेस बढ़ेगा, जिससे मौजूदा शेयरधारकों (Shareholders) की हिस्सेदारी में आंशिक कमी (Dilution) आ सकती है।
Mirc Electronics कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के बेहद प्रतिस्पर्धी बाजार में काम करती है, जहां उसका मुकाबला Dixon Technologies (India) Ltd और Lava International Ltd जैसी स्थापित कंपनियों से है।
अब सबकी नजरें 8 जून, 2026 को होने वाली EGM पर टिकी हैं, जहां कंपनी को शेयरधारकों से मंजूरी मिलनी बाकी है। इस फंड जुटाने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए SEBI के नियमों का पालन भी करना होगा। निवेशक फंड मिलने के बाद कंपनी के प्रदर्शन और वित्तीय सुधार पर बारीकी से नजर रखेंगे।