यह प्रॉपर्टी Milkfood के लिए FY24-25 में ₹74.92 करोड़ का रेवेन्यू दे रही थी, जो कुल टर्नओवर का 16.73% था। M/s Bareilly Dairies Limited और कुछ अन्य पार्टियां इस डील में खरीदार हैं। इस सौदे के 15 अप्रैल, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
यह कदम Milkfood के लिए काफी अहम है, जो पहले ज़्यादा कर्ज़ और कम इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो जैसी वित्तीय चुनौतियों से जूझ रही थी। ₹130 करोड़ की यह रकम मौजूदा उधारी चुकाने में मदद करेगी, जिससे कंपनी पर वित्तीय दबाव कम होगा। मिले फंड का इस्तेमाल बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए भी किया जाएगा।
कंपनी की प्लानिंग आइसक्रीम, चीज़ और बटर जैसे बढ़ते डेयरी सेगमेंट्स में विस्तार करने की है। इन हाई-मार्जिन प्रोडक्ट्स पर फोकस करके कंपनी भविष्य में अपनी कमाई बढ़ाना और वित्तीय स्थिरता को मज़बूत करना चाहती है। 1973 से डेयरी प्रोडक्शन में सक्रिय Milkfood, पिछले कुछ समय से लगातार तिमाही घाटे और हाई डेट-टू-EBITDA रेश्यो जैसी मुश्किलों का सामना कर रही थी।
इस प्रॉपर्टी की बिक्री से कंपनी के बैलेंस शीट में सुधार की उम्मीद है, जिसमें कर्ज़ का बोझ कम होगा। इससे इंटरेस्ट एक्सपेंस (Interest Expense) भी घटेंगे, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) में सुधार हो सकता है। साथ ही, यह कैपिटल इनफ्यूजन (Capital Infusion) कंपनी को हाई-ग्रोथ डेयरी एरियाज में निवेश करने और बेहतर मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स की ओर रणनीतिक बदलाव करने में मदद करेगा।
हालांकि, कंपनी के लिए कुछ जोखिम (Risks) अभी भी बने हुए हैं। Milkfood पर ₹1,896 लाख की GST डिमांड और ₹4,364 लाख की अन्य आकस्मिक देनदारियां (Contingent Liabilities) भी हैं। इसके विस्तार प्लान की सफलता और नए प्रोडक्ट्स को मार्केट में कैसा रिस्पॉन्स मिलता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
Milkfood की यह रणनीतिक चाल ऐसे समय में आई है जब Competitors जैसे Dodla Dairy कैपिटल एफिशिएंसी पर ध्यान दे रहे हैं, Heritage Foods एक संतुलित प्रोफाइल बनाए हुए है, और Hatsun Agro डेट के साथ स्केल बढ़ा रही है। Milkfood का यह नया कदम उसकी वित्तीय स्थिति को मज़बूत करने और Competitiveness को बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।
निवेशक 15 अप्रैल, 2026 की डेडलाइन तक इस डील के पूरा होने पर नज़र रखेंगे। इसके अलावा, कर्ज़ में वास्तविक कमी, नए डेयरी सेगमेंट्स में मार्केट पैठ, पटियाला प्लांट को FY2026-27 तक ₹750 करोड़ के टर्नओवर तक स्केल-अप करने की योजना, और मैनेजमेंट की EBITDA मार्जिन को 7% के टारगेट तक सुधारने की क्षमता जैसे प्रमुख एरियाज़ पर भी नज़र रखी जाएगी।
