FY27 में Marico का महत्वाकांक्षी लक्ष्य!
Marico Ltd ने पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY26) में अपने प्रदर्शन को मजबूत करते हुए, अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। कंपनी ने ₹15,000 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू जुटाने और EBITDA (ईबीआईटीडीए) में हाई-टीन यानी अच्छी-खासी ग्रोथ दर्ज करने की योजना बनाई है।
ग्रोथ की राह और लागत प्रबंधन:
कंपनी का कहना है कि FY27 में रेवेन्यू ₹15,000 करोड़ के पार जाएगा और EBITDA में हाई-टीन ग्रोथ देखने को मिलेगी। यह पिछले साल (FY26) के शानदार प्रदर्शन पर आधारित है, जिसमें भारत में वॉल्यूम बढ़ा और इंटरनेशनल बिजनेस ने भी अच्छा काम किया।
Marico इनपुट कॉस्ट (लागत) में उतार-चढ़ाव को चतुराई से मैनेज कर रही है। जहां हाल के समय में कोपरा की कीमतों में करीब 35% की बड़ी गिरावट आई है, वहीं कच्चे तेल से जुड़ी लागतें जिओपॉलिटिकल (भू-राजनीतिक) वजहों से बढ़ रही हैं, जिन पर कंपनी बारीकी से नजर रखे हुए है। वॉल्यूम ग्रोथ, ब्रांड्स की मजबूती और लागत पर नियंत्रण कंपनी की ग्रोथ के मुख्य इंजन होंगे।
ग्रोथ स्ट्रेटेजी और डिजिटल पर जोर:
इस ग्रोथ को हासिल करने के लिए Marico डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर लगातार निवेश कर रही है। कंपनी अपने कोर एडवरटाइजिंग (विज्ञापन) खर्च का 55% डिजिटल मीडिया पर खर्च करने का लक्ष्य रख रही है। साथ ही, प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाया जा रहा है और डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स को स्केल किया जा रहा है। 'प्रोजेक्ट SETU' के तहत, कंपनी ग्रामीण इलाकों में अपनी पहुंच और जनरल ट्रेड (रोजमर्रा की दुकानों) में प्रदर्शन को और बेहतर बना रही है।
पोर्टफोलियो का विस्तार:
हाल के एक्विजिशन (अधिग्रहण) जैसे Cosmix, Plix और 4700BC के जरिए Marico ने हेल्थ फूड्स, वेलनेस और प्रीमियम कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसे क्षेत्रों में अपने प्रोडक्ट रेंज का विस्तार किया है। कंपनी का लक्ष्य है कि FY27 तक नए, डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स का कुल रेवेन्यू में 27% का योगदान हो।
निवेशक क्या उम्मीद कर सकते हैं:
- शेयरधारकों को उम्मीद है कि FY27 तक Marico का रेवेन्यू ₹15,000 करोड़ से ऊपर जाएगा।
- प्रॉफिटेबिलिटी (लाभप्रदता) रेवेन्यू से तेज़ी से बढ़ेगी, EBITDA में हाई-टीन ग्रोथ का अनुमान है।
- डिजिटल चैनल्स पर फोकस बढ़ेगा, 55% एड खर्च डिजिटल पर जाएगा।
- नए एक्विजिशन और डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स से रेवेन्यू बढ़ेगा।
- 'प्रोजेक्ट SETU' से ग्रामीण और जनरल ट्रेड मार्केट में पैठ बढ़ेगी।
जोखिम के कारक:
- पश्चिम एशिया में जिओपॉलिटिकल टेंशन (भू-राजनीतिक तनाव) कच्चे तेल से जुड़ी लागतें बढ़ा सकती है, जिससे कोपरा की कीमतों में मिली राहत कम हो सकती है।
- मानसून का समय और उसकी तीव्रता ग्रामीण मांग के लिए अहम होगी।
- अल नीनो (El Niño) का संभावित असर कृषि उत्पादन और ग्रामीण खर्च करने की क्षमता पर पड़ सकता है।
इंडस्ट्री से तुलना:
Marico की प्रीमियम और डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स पर फोकस करने की स्ट्रेटेजी HUL और Dabur India जैसी कंपनियों जैसी ही है, जो हाई-मार्जिन सेगमेंट्स और ऑनलाइन चैनल में निवेश कर रही हैं। ITC और GCPL की तरह, Marico भी अपने कोर पोर्टफोलियो को मजबूत रखने के साथ-साथ नए अधिग्रहणों और प्रोडक्ट्स के जरिए डाइवर्सिफिकेशन कर रही है।
