Lykis Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹392.75 करोड़ (यानी ₹39,274.60 लाख) का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू और ₹6.48 करोड़ (यानी ₹647.50 लाख) का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। वहीं, स्टैंडअलोन लेवल पर कंपनी का रेवेन्यू ₹262.89 करोड़ और प्रॉफिट ₹3.72 करोड़ रहा।
कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर ने नतीजों पर एक क्लीन रिपोर्ट दी है, जो सभी अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के पालन की पुष्टि करती है।
नतीजों से बड़ी है प्रमोटर की डील!
इन वित्तीय नतीजों से भी ज्यादा अहम कंपनी में हो रहे मालिकाना हक (Ownership) में बड़ा बदलाव है। प्रमोटर अपनी एक बड़ी हिस्सेदारी बेच रहे हैं, जिसने एक ओपन ऑफर को ट्रिगर किया है। यह डील कंपनी के भविष्य की ओनरशिप और स्ट्रेटेजी को तय करेगी।
असल कहानी: ₹19.01 का सौदा और ₹34.50 का ओपन ऑफर
यह पूरा ड्रामा 2025 के अंत में शुरू हुआ, जब प्रमोटर Nadir Umedali Dhrolia ने अपनी 67.17% हिस्सेदारी Parshav Vatika LLP और उससे जुड़ी कंपनियों को ₹19.01 प्रति शेयर के भाव पर बेचने का सौदा किया।
इस ट्रांजेक्शन के कारण, खरीदारों ने 26% अतिरिक्त शेयर खरीदने के लिए एक ओपन ऑफर पेश किया। इस ऑफर का प्राइस ₹34.50 प्रति शेयर तय किया गया। यह ऑफर 17 मार्च से 2 अप्रैल, 2026 तक चला। खास बात यह है कि यह ऑफर प्राइस (₹34.50) Lykis के उस समय के मार्केट प्राइस (मार्च 2026 की शुरुआत में करीब ₹55.79) से काफी कम था। इसके बावजूद, Lykis की इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमेटी ने इस ओपन ऑफर को 'फेयर और रीजनेबल' बताया।
शेयरहोल्डर्स के लिए बड़ी चुनौती
अब शेयरहोल्डर्स के सामने यह फैसला लेना है कि क्या वे ओपन ऑफर में अपने शेयर बेचें। इस डील के पूरा होने पर कंपनी का प्रमोटर पूरी तरह बदल जाएगा। नए प्रमोटर, Parshav Vatika LLP और एसोसिएट्स, कंपनी के ट्रेडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस को बढ़ाने पर फोकस कर सकते हैं।
क्या हैं रिस्क?
सबसे बड़ा रिस्क यह है कि प्रमोटर की शेयर बिक्री और ओपन ऑफर को अभी रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतजार है। इसके अलावा, मार्केट प्राइस से डिस्काउंट होने के बावजूद शेयरहोल्डर्स ओपन ऑफर में कितनी दिलचस्पी दिखाते हैं, यह देखना अहम होगा। नए प्रमोटर्स की भविष्य की स्ट्रेटेजी और उसे लागू करने की क्षमता भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब प्रमोटर की डील और ओपन ऑफर के फाइनल नतीजों पर पैनी नजर रखनी चाहिए। नए प्रमोटर्स की तरफ से Lykis के लिए किसी भी नई स्ट्रेटेजी या प्लान की घोषणा पर भी ध्यान देना होगा। साथ ही, नए मैनेजमेंट के तहत कंपनी के लगातार परफॉर्मेंस पर नजर रखना भी जरूरी होगा।
