शेयरधारकों की मंजूरी और ESOP का मकसद
Lenskart Solutions Limited के शेयरधारकों ने कंपनी की 2021 और 2025 की एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान (ESOPs) में संशोधनों (amendments) और विस्तार (extensions) से जुड़े चार विशेष प्रस्तावों को भारी बहुमत से पास कर दिया है। यह मंजूरी पोस्टल बैलेट के माध्यम से हुई वोटिंग से मिली, जो 20 मार्च, 2026 को समाप्त हुई। पारित हुए प्रस्तावों को 93.50% से लेकर 95.12% तक वोट मिले, जिससे Lenskart को अपनी ESOP योजनाओं में नियोजित बदलावों और विस्तार को लागू करने का अधिकार मिल गया है। कंपनी का कुल पेड-अप शेयर कैपिटल ₹346.97 करोड़ है और शेयरधारकों की संख्या 1,18,652 है।
तेजी से बढ़ती हुई कंपनियों, खासकर Lenskart जैसी टेक्नोलॉजी-आधारित फर्मों के लिए, कुशल कर्मचारियों को आकर्षित करना और बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। ESOPs इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण टूल हैं, जो कर्मचारियों को कंपनी की सफलता से सीधे जोड़ते हैं। शेयरधारकों की इस मंजूरी से Lenskart अपने कर्मचारियों को इक्विटी-आधारित कंपनसेशन (equity-based compensation) देना जारी रख सकेगी, जिससे कर्मचारियों के लक्ष्य कंपनी के दीर्घकालिक विकास और शेयरहोल्डर वैल्यू (shareholder value) के साथ संरेखित होंगे।
Lenskart की ग्रोथ जर्नी और फाइनेंशियल हाइलाइट्स
Lenskart Solutions, जो कि एक लीडिंग आईवियर टेक्नोलॉजी कंपनी है, अपनी ग्रोथ के लिए ESOPs का इस्तेमाल करती आई है। 2020 की शुरुआत में, कंपनी ने हायरिंग पहलों को सपोर्ट करने के लिए अपने ESOP पूल का विस्तार किया था। Lenskart ने अपनी बाजार स्थिति को मजबूत करने के लिए कई फंडिंग राउंड्स पूरे किए हैं और 10 नवंबर, 2025 को NSE और BSE पर लिस्टिंग के लिए तैयारी की। 2022 में जापानी आईवियर ब्रांड Owndays का बहुमत स्टेक खरीदना भी इसके ग्लोबल विस्तार का हिस्सा रहा है।
कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस की बात करें तो, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों में Lenskart Solutions का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 27.90% बढ़कर ₹62,983.31 मिलियन हो गया। वहीं, नेट प्रॉफिट ₹772.06 मिलियन से बढ़कर ₹2,973.35 मिलियन पर पहुंच गया। तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 38.26% की शानदार वृद्धि के साथ ₹23,077.31 मिलियन रहा।
अन्य चुनौतियां और कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप
इस ESOP मंजूरी के अलावा, Lenskart कुछ अन्य चुनौतियों का भी सामना कर रही है। डायरेक्टोरेट ऑफ एनफोर्समेंट (Directorate of Enforcement) फेमा (FEMA) के तहत जांच कर रही है। साथ ही, कंपनी को अपनी हाई IPO वैल्यूएशन, कॉम्पोनेंट्स के लिए चीनी जॉइंट वेंचर्स पर निर्भरता और विस्तार योजनाओं से जुड़े रिस्क का भी सामना करना पड़ता है। कंपनी ऑफलाइन कॉम्पिटिटर्स जैसे Titan Eyeplus और ऑनलाइन प्लेयर्स से भी कॉम्पिटिशन का सामना कर रही है, जो सेक्टर के टेक-ड्रिवन इवोल्यूशन को दर्शाते हैं।