LT Foods FY26: ₹11,000 करोड़ के पार रेवेन्यू, पर कर्ज़ और US ड्यूटीज़ ने बढ़ाई चिंता!
LT Foods ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी ने दमदार परफॉरमेंस दिखाते हुए अपना कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 25.7% की बढ़ोतरी के साथ ₹8,770 करोड़ से बढ़ाकर ₹11,023 करोड़ कर लिया है। पूरे साल के लिए कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹625 करोड़ रहा। इस तिमाही में भी कंपनी ने ₹2,938 करोड़ की इनकम दर्ज की।
बढ़ते कर्ज़ का बोझ:
जहां रेवेन्यू में बढ़ोतरी खुशी की बात है, वहीं कंपनी के कर्ज़ (borrowings) में आई भारी बढ़ोतरी निवेशकों के लिए चिंता का सबब बन गई है। 31 मार्च 2026 तक, कंपनी का कंसोलिडेटेड कर्ज़ 31.2% उछलकर ₹7,394 करोड़ से ₹9,699 करोड़ पर पहुंच गया। इस बढ़त से कंपनी का फाइनेंशियल लेवरेज (financial leverage) बढ़ गया है और भविष्य में ब्याज खर्चों (interest expenses) को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
US एक्सपोर्ट ड्यूटीज़ का खतरा:
एक बड़ी बाहरी चुनौती अमेरिका से सामने आ रही है। US डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स (US-DOC) ने कंपनी की सब्सिडियरी Ecopure पर वहां के कुछ एक्सपोर्ट्स पर 340.27% की शुरुआती काउंटरवेलिंग ड्यूटी (CVD) लगा दी है। इस कदम से अमेरिका के मार्केट से होने वाली कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।
सब्सिडियरी में लिटिगेशन:
इन सबके बीच, LT Foods अपनी सब्सिडियरी Daawat Foods Limited में चल रहे ₹1,341 करोड़ के बीमा दावे (insurance claim) से जुड़े लिटिगेशन (litigation) को लेकर भी अनिश्चितता का सामना कर रही है। इस कानूनी मामले का नतीजा कंपनी की वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है मायने:
हालांकि, इन्वेस्टर्स को कंपनी की सेल्स ग्रोथ में सुधार का लाभ मिलेगा, लेकिन बढ़ते कर्ज़ के कारण ब्याज खर्चों में बढ़ोतरी से भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव पड़ सकता है। US ड्यूटीज़ भी एक्सपोर्ट मार्केट को बाधित कर सकती हैं। कंपनी के ऑडिटर ने हालांकि अपनी रिपोर्ट में सब कुछ ठीक बताया है। इन्वेस्टर्स को US ड्यूटीज़ पर फाइनल फैसले, कर्ज़ प्रबंधन और Daawat Foods Limited के लिटिगेशन के समाधान पर बारीक नजर रखनी होगी।
प्रतियोगी परिदृश्य:
LT Foods का मुकाबला KRBL Ltd और Adani Wilmar जैसी बड़ी कंपनियों से है, जो बासमती राइस और FMCG सेगमेंट में सक्रिय हैं।
