Kwality Walls India ने शेयर होल्डर्स से छह डायरेक्टर्स को नियुक्त करने और उनके पे (Pay) को मंजूरी देने के लिए डाक मतपत्र (postal ballot) के जरिए औपचारिक रूप से कहा है।
कंपनी के प्रस्तावों में डिप्टी एमडी (Deputy MD) चित्रांक गोयल (Chitrank Goel) और सीएफओ (CFO) प्रशांत प्रेमप्रकाश (Prashant Premrajka) की नियुक्तियां शामिल हैं। ये नियुक्तियां 1 दिसंबर, 2025 से 31 मार्च, 2028 तक के लिए होने वाले नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के रेमुनरेशन (Remuneration) पर भी शेयर होल्डर्स की राय मांगेगी। प्रति डायरेक्टर सालाना ₹20 लाख के भुगतान को मंजूरी दी जानी है।
इसके अलावा, वित्तीय वर्ष FY 2025-26 के लिए एस.एन. अनंतसुब्रमण्यन एंड कंपनी (S.N. Ananthasubramanian & Co.) को सीक्रेटरियल ऑडिटर (Secretarial Auditor) के तौर पर नियुक्त करने का प्रस्ताव है, जिनकी फीस ₹2.50 लाख रखी गई है।
ये नियुक्तियां Kwality Walls India के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि अब यह कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) के आइसक्रीम और फ्रोजन डेज़र्ट्स (frozen desserts) के कारोबार को संभाल रही है। इस ट्रांसफर की प्रक्रिया 1 दिसंबर, 2025 को प्रभावी हुई थी, जिसके बाद अब एक स्पष्ट बोर्ड और नेतृत्व की जरूरत है।
भारतीय आइसक्रीम मार्केट काफी प्रतिस्पर्धी है, जहां Kwality Walls India को अमूल (Amul), वाडीलाल इंडस्ट्रीज (Vadilal Industries), मदर डेयरी (Mother Dairy) और लोट्टे इंडिया (Lotte India) के हावमोर (Havmor) जैसे स्थापित ब्रांड्स से मुकाबला करना होगा। नए इकाई के तौर पर, Kwality Walls India को शुरुआती घाटे या अपर्याप्त मुनाफे का सामना करना पड़ सकता है, जिसका मुख्य कारण सेटअप लागत, इंटीग्रेशन की चुनौतियां और सप्लाई चेन को मजबूत करने में लगने वाला निवेश है।
शेयर होल्डर्स से डाक मतपत्र पर वोटिंग के नतीजे 17 मई, 2026 तक आने की उम्मीद है।