कैसे रहे Krishival Foods के नतीजे?
कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंसोलिडेटेड (Consolidated) सालाना रेवेन्यू 47.55% बढ़कर ₹304.41 करोड़ हो गया, जो पिछले साल FY25 में ₹206.31 करोड़ था। पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए नेट प्रॉफिट (Net Profit) ₹22.20 करोड़ रहा। वहीं, चौथी तिमाही (Q4) की बात करें तो कंपनी ने ₹106.84 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹5.58 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया।
शेयरधारकों को मिलेगा डिविडेंड (Dividend)
कंपनी के बोर्ड ने ₹0.35 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। ऑडिटर ने नतीजों पर अपनी अनमॉडिफाईड ओपिनियन (Unmodified Opinion) यानी क्लीन चिट दी है।
निवेशक क्यों हैं चिंतित?
शानदार रेवेन्यू ग्रोथ और अच्छे मुनाफे के बावजूद, निवेशकों की चिंता कंपनी के बढ़ते कर्ज और ट्रेड रिसीवेबल्स को लेकर है। कंसोलिडेटेड नॉन-करंट बोरिंग्स (Non-Current Borrowings) FY25 के ₹1,069.27 लाख से बढ़कर FY26 में ₹1,815.67 लाख हो गई हैं, जो दोगुने से भी ज्यादा है। इसी तरह, करंट बोरिंग्स (Current Borrowings) भी ₹190.89 लाख से बढ़कर ₹1,799.79 लाख हो गई हैं। ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) भी दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹4,900.29 लाख तक पहुंच गए हैं, जो पहले ₹2,256.88 लाख थे। इन आंकड़ों से कंपनी के कैश फ्लो पर दबाव आने की आशंका है।
कॉर्पोरेट माइलस्टोन और भविष्य की राह
हाल ही में, Krishival Foods ने जून 2025 में NSE के मेन बोर्ड पर माइग्रेट किया और BSE पर लिस्टिंग कराई। यह कदम कंपनी की विजिबिलिटी और कैपिटल मार्केट तक पहुंच बढ़ाने के लिए उठाया गया था। अब मैनेजमेंट का फोकस बढ़े हुए कर्ज को संभालने और वर्किंग कैपिटल को बेहतर बनाने पर होगा। FY27 के लिए ग्रोथ की संभावनाओं का आकलन कंपनी के बढ़ते लेवरेज (Leverage) को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
पीयर कंपेरिजन (Peer Comparison)
Krishival Foods की 47.55% की ग्रोथ प्रभावशाली है। तुलना के लिए, Adani Wilmar ने FY25 में लगभग ₹58,000 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और Marico Ltd ने ₹10,674 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। इन बड़े खिलाड़ियों के मुकाबले कंपनी की ग्रोथ काफी मजबूत दिख रही है, लेकिन कर्ज प्रबंधन एक अहम चुनौती रहेगी।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक आने वाली रिपोर्ट्स में मैनेजमेंट की कर्ज प्रबंधन रणनीति, रिसीवेबल्स कलेक्शन की एफिशिएंसी, FY27 के रेवेन्यू और प्रॉफिट के आउटलुक, और कर्ज के इस्तेमाल को लेकर स्पष्टता की उम्मीद करेंगे।
