Krishival Foods: बंपर कमाई! FY26 में प्रॉफिट 64% बढ़ा, रेवेन्यू 48% उछला

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Krishival Foods: बंपर कमाई! FY26 में प्रॉफिट 64% बढ़ा, रेवेन्यू 48% उछला
Overview

Krishival Foods ने इस बार कमाल कर दिया है! कंपनी ने अपने FY26 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें रेवेन्यू में **48%** की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) **64%** बढ़कर **₹22.2 करोड़** तक पहुंच गया है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का आइसक्रीम ब्रांड 'Melt N Mellow' भी उम्मीद से पहले ही मुनाफे में आ गया है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Krishival Foods ने पेश किए दमदार नतीजे

Krishival Foods Ltd के लिए 31 मार्च 2026 को खत्म हुआ फाइनेंशियल ईयर (FY26) वाकई शानदार रहा। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 48% बढ़कर ₹304.41 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 64% की भारी उछाल देखी गई और यह ₹22.2 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी के EBITDA में भी 66% का शानदार इजाफा हुआ, जो ₹41.95 करोड़ रहा। यह ग्रोथ कंपनी के बढ़ते बिजनेस वर्टिकल्स के प्रदर्शन का नतीजा है।

आइसक्रीम ब्रांड की कामयाबी और विस्तार की योजना

कंपनी के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि उनका नया आइसक्रीम ब्रांड 'Melt N Mellow' तय समय से पहले ही मुनाफे में आ गया है। यह एक बेहद कॉम्पिटिटिव मार्केट है, लेकिन कंपनी ने यहां अपनी जगह बनाने में कामयाबी हासिल की है। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए भी 50% की ग्रोथ का मजबूत अनुमान जताया है, जो कंपनी के आगे के विस्तार की योजनाओं पर भरोसा दिलाता है। कंपनी ने 35,000 वर्ग फुट की नई प्रोसेसिंग यूनिट शुरू कर दी है और 2 लाख वर्ग फुट की एक और बड़ी फैक्ट्री का निर्माण भी चल रहा है।

मार्जिन, ESOP खर्च और आगे का रास्ता

FY27 के लिए मैनेजमेंट का टारगेट है कि नट्स सेगमेंट में EBITDA मार्जिन 15%+ और PAT मार्जिन 10%+ रहे। आइसक्रीम सेगमेंट में FY27 में EBITDA 7% से ऊपर रहने की उम्मीद है, जो भविष्य में 14-15% तक जा सकता है। Q4 के नतीजों पर एक बार के ESOP खर्च ₹2.88 करोड़ का असर पड़ा, जिसने मार्जिन को थोड़ा दबाया, लेकिन अंदरूनी मजबूती बनी हुई है। मैनेजमेंट ने यह भी साफ किया है कि वे कुछ प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट शेयरहोल्डर्स की मार्केट एक्टिविटीज से अलग हैं।

स्ट्रैटेजिक शिफ्ट और फंडिंग

ये नतीजे Krishival Foods के एक मल्टी-कैटेगरी FMCG कंपनी के तौर पर सफल बदलाव को दर्शाते हैं। सिर्फ नट्स बिजनेस से आगे बढ़कर आइसक्रीम जैसे बड़े और प्रतिस्पर्धी बाजार में जल्दी मुनाफा कमाना, उनके डाइवर्सिफिकेशन प्लान की कामयाबी है। FY27 के लिए 50% ग्रोथ का अनुमान मैनेजमेंट के आत्मविश्वास को दिखाता है। कंपनी अपने विस्तार के लिए फंड जुटा रही है; हाल ही में ₹100 करोड़ का राइट्स इश्यू और ₹65 करोड़ का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट पूरा हुआ है, जिनका इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में हो रहा है।

भविष्य की राह और जोखिम

आगे चलकर कंपनी से रेवेन्यू और प्रॉफिट में लगातार तेज ग्रोथ की उम्मीद की जा सकती है। आइसक्रीम के सफल डाइवर्सिफिकेशन से एक नया और प्रॉफिटेबल रेवेन्यू स्ट्रीम जुड़ा है। FY27 के लिए 50% ग्रोथ का अनुमान भविष्य की तस्वीर साफ करता है। 25 नए फ्रेंचाइजी-ओन्ड, कंपनी-ऑपरेटेड (FOCO) आइसक्रीम पार्लर्स जुलाई/अगस्त से खुलने की योजना है। हालांकि, कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है। Q4 में ₹2.88 करोड़ का ESOP खर्च एक वन-टाइम फैक्टर था। आइसक्रीम बिजनेस सीजनल होता है, यानी Q1 और Q4 बेहतर होते हैं। ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन की दिक्कतें भी जोखिम पैदा कर सकती हैं।

कॉम्पिटिटर्स और मुख्य लक्ष्य

भारतीय आइसक्रीम बाजार में Vadilal Industries और Kwality Ltd जैसे बड़े खिलाड़ी हैं, और Krishival Foods का लक्ष्य 'Melt N Mellow' को टॉप 3 में लाना है। हालांकि, नट्स और ड्राई फ्रूट्स सेगमेंट में भी कंपनी की मजबूत पकड़ है। FY27 में नट्स सेगमेंट के लिए 15%+ EBITDA मार्जिन और 10%+ PAT मार्जिन का लक्ष्य है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.