इनसाइडर ट्रेडिंग रोकने की तैयारी
यह ट्रेडिंग विंडो का बंद होना 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। SEBI (इनसाइडर ट्रेडिंग का निषेध) विनियम, 2015 के तहत यह एक अनिवार्य प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों को कंपनी के शेयर खरीदने या बेचने से रोकना है, जिनके पास अभी तक सार्वजनिक न हुई अंदरूनी जानकारी (Unpublished Price Sensitive Information - UPSI) तक पहुंच है। इस नियम के कारण, कंपनी के खास कर्मचारी, निदेशक और उनके करीबी रिश्तेदार तब तक कोई भी शेयर ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे, जब तक कि Kokuyo Camlin अपने Q4 और पूरे FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं कर देती।
कंपनी इस कदम से बाज़ार की अखंडता (Market Integrity) बनाए रखने और सभी निवेशकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। Kokuyo Camlin, जो भारत में स्टेशनरी और कला सामग्री क्षेत्र की एक जानी-मानी कंपनी है, जापान की Kokuyo Co. Ltd. और भारत की Camlin Ltd. का एक जॉइंट वेंचर है। कंपनी लगातार SEBI के कॉर्पोरेट गवर्नेंस और डिस्क्लोजर नियमों का पालन करती आई है।
हालांकि, इस बार की घोषणा में Q4 FY26 के वित्तीय आंकड़े शामिल नहीं हैं, लेकिन पिछले साल की बात करें तो कंपनी ने Q4 FY25 में ₹429.5 करोड़ का रेवेन्यू और ₹36.9 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) दर्ज किया था। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए, कंपनी का रेवेन्यू ₹1599.8 करोड़ और PAT ₹136.9 करोड़ रहा था।
यह ट्रेडिंग विंडो बंद करने की प्रक्रिया भारतीय कॉर्पोरेट जगत में काफी आम है। Navneet Education Limited और DOMS Industries Ltd. जैसी कंपनियां भी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित रूप से ऐसे SEBI नियमों का पालन करती हैं।
निवेशकों को अब कंपनी की उस आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार रहेगा, जिसमें बोर्ड मीटिंग की तारीख तय की जाएगी। इस मीटिंग में Q4 और पूरे FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद ही यह ट्रेडिंग विंडो फिर से खोली जाएगी।
