क्या है पूरा मामला?
KRBL Limited को असिस्टेंट कमिश्नर, सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स की ओर से यह GST ऑर्डर मिला है। इसमें ₹4.57 लाख का टैक्स डिमांड और ₹28.80 लाख की पेनाल्टी लगाई गई है। कंपनी ने 31 मार्च 2026 को यह जानकारी दी।
कंपनी का क्या कहना है?
KRBL ने अपने बयान में कहा है कि इस ऑर्डर का कंपनी के फाइनेंशियल या ऑपरेशनल एक्टिविटीज पर कोई बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। कंपनी का इरादा इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करने का है।
KRBL का बैकग्राउंड और पिछले विवाद
1889 में स्थापित KRBL दुनिया की सबसे बड़ी बासमती चावल मिलर और एक्सपोर्टर है, जो अपने 'India Gate' ब्रांड के लिए जानी जाती है। कंपनी पहले भी कई रेगुलेटरी मुद्दों का सामना कर चुकी है। पिछले साल 2025 में, एक्सपोर्ट नियमों के उल्लंघन पर कस्टम्स से ₹6.10 करोड़ की पेनाल्टी लगी थी, जिसे 2026 की शुरुआत में सेट असाइड कर दिया गया था। इसके अलावा, पैडी खरीद से जुड़े ₹1270 करोड़ की इनकम टैक्स डिमांड और ED द्वारा ज़मीन अटैचमेंट जैसे मामले भी कंपनी के सामने आए हैं, हालांकि कंपनी पर कोई चार्जशीट फाइल नहीं हुई है।
कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन
FY25 (वित्तीय वर्ष 2025) में KRBL ने शानदार प्रदर्शन किया था। कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹5594 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹476 करोड़ रहा था। यह दिखाता है कि ₹33.37 लाख की यह GST डिमांड कंपनी के कुल टर्नओवर की तुलना में काफी छोटी है।
आगे क्या?
KRBL अब इस GST ऑर्डर के खिलाफ अपील फाइल करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। निवेशक कंपनी की अपील के नतीजों और इस मामले में आगे की अपडेट पर नज़र रखेंगे।