फंड का बड़ा हिस्सा अब भी बेअसर
Jetmall Spices ने ₹26.62 करोड़ का फंड प्रीफरेंशियल इश्यू के जरिए जुटाया था, जिसे मुख्य रूप से वर्किंग कैपिटल, सेल्स और मार्केटिंग, और कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के लिए इस्तेमाल किया जाना था। कंपनी ने SEBI के नियमों का पालन करते हुए फंड के इस्तेमाल की रिपोर्ट दी है, लेकिन इस्तेमाल की गई कुल राशि केवल ₹6.90 करोड़ है। इसका मतलब है कि ₹19.72 करोड़ अभी भी कंपनी के पास पड़े हैं।
कहां कहां हुआ कितना खर्च?
- वर्किंग कैपिटल: कुल ₹6.12 करोड़ आवंटित थे, जिसमें से केवल ₹1.47 करोड़ का इस्तेमाल हुआ।
- सेल्स और मार्केटिंग: इस महत्वपूर्ण मद के लिए ₹11.00 करोड़ आवंटित थे, लेकिन हैरानी की बात है कि इस पर ₹0 खर्च किया गया है।
- इन्वेस्टमेंट/कैपेक्स: ₹9.50 करोड़ इस मद के लिए रखे गए थे, जिसमें से ₹5.43 करोड़ खर्च हुए हैं।
निवेशकों की नजर इन बातों पर
हालांकि कंपनी ने फंड के इस्तेमाल में किसी बड़े बदलाव से इनकार किया है, लेकिन सेल्स और मार्केटिंग के साथ-साथ Capex पर कम खर्च निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। यह सवाल उठता है कि कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं और मार्केटिंग रणनीतियों को कितनी तेजी से आगे बढ़ाएगी। यदि फंड के इस्तेमाल में देरी होती है, तो यह कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार को धीमा कर सकती है।
पीछे की कहानी
Jetmall Spices, जो मसाले और मसाला उत्पादों का निर्माण और व्यापार करती है, ने इस प्रीफरेंशियल इश्यू का उद्देश्य अपने वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करना, बिक्री और मार्केटिंग को बढ़ावा देना और कैपिटल एक्सपेंडिचर के जरिए विस्तार करना बताया था।
आगे क्या देखें?
निवेशक अब आने वाली रिपोर्ट्स में सेल्स/मार्केटिंग और Capex पर खर्च में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। मैनेजमेंट से इस देरी पर स्पष्टीकरण और ग्रोथ पहलों के लिए संशोधित समय-सीमा जानने की कोशिश की जाएगी। किसी भी नए मार्केटिंग अभियान या पूंजीगत व्यय परियोजनाओं की घोषणाओं पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी, साथ ही कंपनी के समग्र प्रदर्शन और बाजार हिस्सेदारी के रुझानों पर भी ध्यान दिया जाएगा।