मुनाफे पर दबाव, रेवेन्यू में तेजी
FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) मामूली घटकर ₹10,652 करोड़ रहा, जो पिछले साल (FY25) में ₹10,680 करोड़ था। हालांकि, रेवेन्यू में 5% की ग्रोथ ने संकेत दिया है कि मार्जिन पर दबाव बढ़ा है, जो शायद इनपुट कॉस्ट (Input Costs) के कारण है। एक्सेप्शनल आइटम्स (Exceptional Items) को छोड़कर भी नेट प्रॉफिट ₹10,324 करोड़ रहा।
डिविडेंड की घोषणा
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹22 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है। अगर इसे ₹19 के इंटरिम डिविडेंड के साथ जोड़ दें, तो FY26 के लिए कुल डिविडेंड ₹41 प्रति शेयर बनता है, जो शेयरधारकों के लिए ₹9,633 करोड़ का भुगतान होगा।
कंपनी की रणनीति और भविष्य
HUL अपनी प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को सरल बनाने, ब्रांड्स में इन्वेस्टमेंट बढ़ाने और प्रॉफिटेबल वॉल्यूम ग्रोथ पर फोकस कर रही है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में कंपनी ने ₹60,573 करोड़ का रेवेन्यू और ₹10,680 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया था।
आगे चलकर, शेयरधारकों से आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इस फाइनल डिविडेंड को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। निवेशकों को कमोडिटी प्राइसेज (Commodity Prices) और करेंसी में उतार-चढ़ाव, साथ ही FMCG सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसे रिस्क पर भी नजर रखनी चाहिए, जो प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।
