Go Fashion के शेयरधारकों को झटका! FY26 में नेट प्रॉफिट 37% गिरा, प्रमोटरों के स्टेटस में भी बदलाव को मंजूरी

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Go Fashion के शेयरधारकों को झटका! FY26 में नेट प्रॉफिट 37% गिरा, प्रमोटरों के स्टेटस में भी बदलाव को मंजूरी
Overview

Go Fashion (India) Ltd ने वित्त वर्ष 2026 के अपने ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट में **37%** की बड़ी गिरावट आई है, जो **₹93.50 करोड़** से घटकर **₹59.18 करोड़** रह गया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी थोड़ा कम होकर **₹838.01 करोड़** रहा। इसके साथ ही, कंपनी के बोर्ड ने प्रमोटरों को पब्लिक कैटेगरी में रीक्लासिफाई करने की मंजूरी दे दी है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Go Fashion (India) Ltd के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर (FY26) मुनाफे के लिहाज से उम्मीदों के विपरीत रहा। कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। नतीजों के मुताबिक, कंपनी का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT) 37% लुढ़क कर ₹59.18 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल यह ₹93.50 करोड़ था।

वहीं, कंपनी के ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹848.17 करोड़ की तुलना में थोड़ा कम होकर ₹838.01 करोड़ पर पहुंच गया। यह गिरावट कंपनी के मार्जिन पर दबाव या ऑपरेटिंग खर्चों में बढ़ोतरी की ओर इशारा कर सकती है, ऐसे समय में जब कंपनी विस्तार की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

यह राहत की बात है कि कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर, प्राइस वाटरहाउस चार्टर्ड अकाउंटेंट्स LLP, ने वित्तीय स्टेटमेंट पर एक अनमॉडिफाइड ओपिनियन (unmodified opinion) जारी किया है, जो बताता है कि नतीजे सटीक हैं।

प्रमोटर रीक्लासिफिकेशन को मिली मंजूरी

इसके अलावा, कंपनी के लिए एक और अहम खबर यह है कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रमोटर शेयरहोल्डर्स के एक समूह की ओर से अपनी होल्डिंग्स को प्रमोटर ग्रुप से पब्लिक कैटेगरी में रीक्लासिफाई (reclassify) करने के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस बदलाव के लिए जरूरी रेगुलेटरी और स्टॉक एक्सचेंज (NSE, BSE) की मंजूरी अभी मिलनी बाकी है।

Go Fashion, जो अपने पॉपुलर 'Go Colors' ब्रांड के लिए जानी जाती है, ने नवंबर 2022 में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पूरा किया था। कंपनी अपनी रिटेल प्रेजेंस बढ़ाने और भविष्य के विकास के लिए प्रोडक्ट ऑफरिंग में विविधता लाने पर लगातार काम कर रही है।

तुलनात्मक प्रदर्शन

तुलनात्मक रूप से देखें तो, कुछ इंडस्ट्री के दिग्गजों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जैसे, एथनिक वियर में अग्रणी Vedant Fashions ने FY25 में लगभग ₹3,364.44 करोड़ का रेवेन्यू और ₹857.97 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया। वहीं, Trent Ltd ने भी FY25 में ₹12,242.33 करोड़ का रेवेन्यू और ₹1,707.08 करोड़ का प्रॉफिट दिखाया, जबकि Aditya Birla Fashion and Retail Ltd (ABFRL) ने FY25 में ₹13,171.33 करोड़ का रेवेन्यू तो हासिल किया, लेकिन प्रॉफिट में चुनौतियों का सामना किया।

वित्तीय स्थिति और आगे की राह

31 मार्च, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, Go Fashion की बैलेंस शीट में कुल एसेट्स (assets) ₹1,295.64 करोड़ और कुल इक्विटी (equity) ₹690.29 करोड़ दर्ज की गई।

निवेशक अब इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि कंपनी NSE और BSE से प्रमोटर रीक्लासिफिकेशन के लिए 'नो-ऑब्जेक्शन' सर्टिफिकेट (No-Objection Certificates) कितनी जल्दी हासिल करती है। साथ ही, मैनेजमेंट की ओर से प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने और लागत प्रबंधन की रणनीतियों पर आने वाली कमेंट्री, और कंपनी के रिटेल विस्तार की पहलों पर अपडेट, आगे के लिए प्रमुख फोकस एरिया रहेंगे।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.